पटना : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले में रामाशीष राय उर्फ रामाशीष सिंह की गिरफ्तारी के बहाने सत्ताधारी महागठबंधन के नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने रामाशीष को संरक्षण देने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद से भी पूछताछ करने की मांग की।

भाजपा नेता ने पटना में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "एसआईटी के मुताबिक प्रश्नपत्र लीक के जरिए हुए 200 करोड़ के घोटाले से राजनेता व नौकरशाह के संबंधों का खुलासा हुआ है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार में हुए दवा, दलित छात्रवृत्ति और टॉपर्स घोटाले से लेकर प्रश्नपत्र लीक तक के 'किंगपिन' लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के करीबी हैं।

मोदी ने कहा, "चारा घोटाले के एक मामले में लालू प्रसाद के जमानतदार रहे और प्रश्नपत्र लीक मामले के कर्ता-धर्ता रामाशीष राय की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी में क्या लालू प्रसाद से पूछताछ करने की हिम्मत है?"

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "आखिर विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग में टाइपिस्ट की नौकरी करने वाला रामाशीष राय पटना में स्कूल कैसे चला रहा है? विवादित तथा सीबीएसई से संबद्घता खत्म होने के बावजूद उसके एबीएन स्कूल में परीक्षा केंद्र क्यों बनाया गया?"

भाजपा नेता ने कहा कि बीएसएससी के गिरफ्तार सचिव परमेश्वर राम के बयान के बाद सरकार को एसएमएस भेजने वाले उन दो मंत्रियों तथा दबाव बनाने वाले दर्जनों विधायकों और नौकरशाहों के नाम सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्चा लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी को साल 2015 में स्नातकस्तरीय सचिवालय सहायक और 3616 अन्य पदों के लिए बीएसएससी द्वारा ली गई परीक्षाओं के साथ सहायक अभियंता, एमवीआई की परीक्षा तथा 2016 में हुई कृषि समन्वयकों की बहाली में भी धांधली व घोटाले के साक्ष्य भी मिले हैं।

उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बीएसएससी पर जब पिछले चार साल से विभिन्न परीक्षाओं में धांधली के आरोप लग रहे थे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही जांच का आदेश क्यों नहीं दिया?

उल्लेखनीय है कि बीएसएससी की इंटर (12वीं) स्तरीय पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र और उसके उत्तर लीक होने के मामले में अहम सबूत मिलने के बाद बिहार सरकार ने बुधवार को परीक्षा रद्द कर दी है। इस मामले की जांच की जिम्मेवारी एसआईटी को दी गई है। इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

--आईएएनएस