हैदराबाद : रियो पैरालिंपिक की रजत पदक विजेता दीपा मलिक का आज 49वां जन्मदिन है। उनका जन्म 30 सितम्बर को 1970 को हरियाणा के सोनीपत में एक जाट परिवार में हुआ था। दीपा मलिक शॉटपुट एवं जेवलिन थ्रो के साथ-साथ तैराकी एवं मोटर रेसलिंग से जुड़ी एक विकलांग भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2016 पैरालंपिक में शॉटपुट में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा।

दीपा मलिक का करियर

दीपा मलिक को वर्ष 1999 में पता चला कि उनके रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर है। जिसकी वजह से वह चल नहीं सकती। उन्हें अपनी कमर के नीचे का कोई अंग महसूस नहीं होता। रीढ़ की हड्डी का ट्यूमर ठीक करने के लिए उनकी 31 सर्जरी करनी पड़ी।

दीपा मलिक शॉटपुट एवं जेवलिन थ्रो के साथ-साथ तैराकी एवं मोटर रेसलिंग से जुड़ी एक विकलांग भारतीय खिलाड़ी हैं । उन्होंने 30 की उम्र में तीन ट्यूमर सर्जरी और शरीर का निचला हिस्सा सुन्न हो जाने के बावजूद शॉटपुट एवं जेवलिन थ्रो में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं। दीपा मलिक ने तैराकी एवं मोटर रेसलिंग में भी कई स्पर्धाओं में हिस्सा लिया है। उन्होंने भारत की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 33 स्वर्ण तथा 4 रजत पदक प्राप्त किये हैं। वे भारत की एक ऐसी पहली महिला है जिसे हिमालय कार रैली में आमंत्रित किया गया था।

भारत की दीपा मलिक के नाम दर्ज है ये उपलब्धियां

- वर्ष 2008 तथा 2009 में दीपा मलिक ने यमुना नदी में तैराकी तथा स्पेशल बाइक सवारी में भाग लेकर 2 बार लिम्का बूक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

- दीपा मलिक ने 2007 में तथा 2008 में बर्लिन में जेवलिन थ्रो तथा तैराकी में भाग लेकर रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त किया।

- दीपा ने 2009 में शॉट पुट में अपना पहला पदक (कांस्य) जीता था। इसके अगले ही साल ऐसा कमाल किया कि इंग्लैंड में शॉटपुट, डिस्कस थ्रो और जेवलिन तीनों में गोल्ड मेडल जीते।

-भारत की दीपा मलिक चाइना में पैरा एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता। वहां कांस्य जीतने वाली दीपा पहली भारतीय महिला बनीं।

- वर्ष 2010 को चीन में हुए पैरा एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता।

- गोला फेंक और चक्का फेंक में दीपा मलिक ने 2011 में विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीते थे। दीपा का रजत पदक भारत का पैरालंपिक खेलों में तीसरा पदक है।

- दीपा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीमिंग में मेडल जीत चुकी हैं। 2012 में उन्हें 'अर्जुन पुरस्कार' से नवाजा जा चुका है।

- रियो पैरालिंपिक खेल- 2016 में दीपा मलिक ने शॉट-पुट में रजत पदक जीता, दीपा ने 4.61 मीटर तक गोला फ़ेंका और दूसरे स्थान पर रहीं।

सामाजिक कार्य और लिखने में रुचि

दीपा मलिक खेल में ही आगे नहीं है, वह सामाजिक कार्य करने के साथ-साथ लेखन में भी रुचि रखती हैं। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए कैंपेन चलाती है और सामाजिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। दीपा को लिखने का शौक है और वह अपनी बायोग्राफी से लेकर खिलाड़ियों के बारे में लिखती हैं।

दिग्गज खिलाड़ियों द्वारा सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर प्रसिद्ध क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और निशानेबाज़ अभिनव बिन्द्रा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने इतिहास रचने वाली दीपा मलिक की जमकर प्रशंसा की है। दीपा पैरालंपिक खेलों में पदक जीतकर यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हो गई हैं।

दीपा को मिल चुके है ये अवॉर्ड्स

अर्जुन अवार्ड-2012,

पद्मश्री पुरस्कार (2017)

स्वावलंबन पुरस्कार महाराष्ट्र-2006

हरियाणा करमभूमि अवार्ड-2008,

महाराष्ट्र छत्रपति अवार्ड स्पोर्ट्स-2009-10,

मिसाल ए हिम्मत अवार्ड-2012,

महाराणा मेवाड़ अरावली स्पोर्ट्स अवार्ड-2012,

एक्सीलेंस अवार्ड फॉर स्पोर्ट्स-2012,

एमेजिंग इंडिया अवार्ड-2013,

करमवीर चक्र अवार्ड-2013,

दीपा को राष्ट्रपति रोल मॉडल अवार्ड-2014,

लीडर एशिया एक्सीलेंस अवार्ड-2014,

लिम्का पीपल ऑफ द ईयर अवार्ड-2014,

कांगो करमवीर पुरस्कार-2014