बैडमिंटन में पी.वी. सिंधु का जलवा, अब तक जीत चुकी हैं इतने मेडल

पी.वी. सिंधु  - Sakshi Samachar

हैदराबाद : वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें पायदान पर काबिज भारत की सिंधु ने स्विट्जरलैंड कें बासेल में आयोजित बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर स्वर्ण पदक जीतकर बैडमिंटन जगत में इतिहास रच दिया।

वह इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। सिंधु ने ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से पराजित किया।

पीवी सिंधु की जिंदगी किसी से अछूता नहीं रहा है। बचपन से ही एक बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की चाहत ने उन्हें आज अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है। लेकिन चैंपियन बनने का उनका ये सफर काफी संघर्षपूर्ण और कांटों भरा रहा है। 'सिंधु रोज 56 किलोमीटर ट्रैवल कर कोचिंग कैंप में हिस्सा लेने जाती थी।

पीवी सिंधू जूनियर लेवल पर कई खिताब जीत चुकी हैं। अंडर-13 कैटेगरी में उन्होंने पुदुच्चेरी में हुए सब-जूनियर सिंगल और डबल टाइटल जीते। इसके बाद 51वें नेशनल स्कूल गेम्स में भी सिंधु ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 2010 में उन्हें पहली बार भारत की नेशनल टीम में जगह मिली। वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2013 में जब सिंधु ने कांस्य पदक जीता, तो लोगों उन्हें साइना नेहवाल के लिए खतरा बताने लगे। हालांकि सिंधू अब तक साइना को एक बार भी हरा नहीं सकी हैं। दोनों तीन बार आपस में भिड़े हैं, लेकिन तीनों मौकों पर साइना ने बाज़ी अपने नाम की है।हम आपको पी.वी. सिंधु के अब तक की करियर से अवगत कराते हैं।

ओलंपिक्स में मेडल जीतने वाली दो बैडमिंटन खिलाड़ियों में पी.वी. सिंधु एक हैं। सिंधु ने रियो ओलंपिक में रजत पदक जीता था। उनसे पहले सायना नेहवाल भी ओलंपिक्स में कांस्या पदक जीत चुकी हैं।

2018 में आयोजित कॉमनवेल्श गेम्स और 2018 के एशियन गेम्स में भी महिला एकल विभाग में पी.वी. सिंधु ने रजत पदक जीता। साथ ही 2017 और 2018 में हुए बीडब्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में सिंधु ने रजत पदक जीते।

सिंधु ने 2019 में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्वकप चैंपियनशिप में बैडमिंटन विश्व रैंकिंग में चौथी वरियता प्राप्त नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में हराकर यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

सिंधु ने 2012 में सिंधु ने महज 17 वर्ष की आयु में बीडब्यूएफ विश्व रैंकिंग में टॉप 20 का रिकार्ड तोड़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बैडमिंटन प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया था।

2013 में वह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में एकल महिला विभाग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी।

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मार्च 2015 में पी.वी. सिंधु को खेल जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया।

उन्होंने 2016 में रियो में आयोजित ओलंपिक्स के फाइनल में रजत पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बनी और दुनिया के टॉप पांच खिलाड़ियों में दर्ज हुआ नाम।

2019 में उन्होंने जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर विश्व चैंपियन बन गई है।

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