लंदन : रोजर फेडरर ने कहा है कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उन्होंने दो मैच प्वाइंट गंवा दिये जिसकी वजह से नौवां विम्बलडन खिताब नहीं जीत सके । नोवाक जोकोविच ने सबसे लंबे चले पुरूष एकल फाइनल में फेडरर को 7 . 6, 1 . 6, 7 . 6, 6 . 4, 13 . 12 से हराया । हार के बाद काफी भावुक हुए फेडरर ने कहा कि वह सीधे सेटों में हार जाते तो इतना बुरा नहीं लगता ।

सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने स्विटरलैंड के रोजर फेडरर को मात देकर साल का तीसरा ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया। जोकोविच चार घंटे 55 मिनट तक चले इस मुकाबले में फेडरर को  मात देकर पांचवीं बार विंबलडन खिताब अपने नाम किया।

यह जोकोविच का कुल 16वां खिताब है। दोनों के बीच हुआ यह रोमांचक मुकाबला पांचवें सेट तक पहुंचा जहां नए टाई ब्रेकर के मुताबिक स्कोर 12-12 होने पर टाई ब्रेकर हुआ जिसमें जोकोविच ने जीत हासिल की।

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उन्होंने कहा ,‘‘ क्या कहूं । मुझे नहीं पता कि सीधे सेटों में हारना इससे बेहतर होता । लेकिन अब इसके क्या मायने हैं । मैं नहीं कह सकता कि निराश हूं, दुखी या नाराज । मैने शानदार मौका गंवा दिया । मुझे यकीन ही नहीं हो रहा।''

फेडरर ने कहा ,‘‘ आप अच्छी बातें लेने की कोशिश करते हैं । आप हमेशा बेहतर सोचते हैं । यह इतना करीबी मुकाबला था और ऐसे अंक लेना आसान नहीं होता ।''

फेडरर ने इस चैम्पियनशिप में 100 मैच और ग्रैंडस्लैम में 350 मैच पूरे किये लेकिन उन्होंने कहा कि वह रिकार्ड के लिये नहीं खेलते ।

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके लिये टेनिस नहीं खेलता । मैं विम्बलडन जीतना चाहता था । इतने शानदार दर्शकों के सामने और नोवाक जैसे खिलाड़ी से । मैं इसी के लिये खेलता हूं ।''