नई दिल्ली : भारत की महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल का कहना है कि एफआईएच विमेंस सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट के फाइनल में जापान को हराकर उनकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में मिली हार का हिसाब बराबर कर लिया।

भारतीय टीम ने हिरोशिमा में खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में रविवार को जापान को 3-1 से हराया। भारतीय टीम सोमवार को स्वदेश लौटी।

भारत ने अपने पहले मैच में उरुग्वे को 4-1 से हराया और फिर पोलैंड को 5-0 से पीटा। इसके बाद भारत ने फिजी को 11-0 से और फिर सेमीफाइनल में चिली को 4-2 से हराया। फाइनल में उसकी जापान पर एकतरफा जीत रही।

रानी ने स्वदेश लौटने के बाद कहा, "18वें एशियाई खेलों के फाइनल में हम जापान के हाथों हार गए थे। अब जापान को उसकी के घर में हराकर हमने उस हार का बदला पूरा कर लिया है।"

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एफआईएच विमेंस सीरीज फाइनल्स के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय टीम ने ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए क्वालीफाई कर लिया था और अब रानी को उम्मीद है कि उनकी टीम को अपने घर में क्वालीफायर खेलने का मौका मिलेगा।

भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को खेल मंत्री किरण रिजिजू से मुलाकात की। यहां से भारतीय खिलाड़ी अपने घर लौट जाएंगी और फिर और फिर वे 15 जुलाई से बेंगलुरू के साई सेंटर में लगने वाले ओलम्पिक क्वालीफायर शिविर में हिस्सा लेंगी।