रांचीः राष्ट्रीय निशानेबाज तारा शाहदेव को प्रताड़ित और धर्म परिवर्तन करने के आरोपी रकीबुल उर्फ रंजीत कोहली की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। कोहली की ओर से जमानत देने का आग्रह करते हुए न्यायालय में दावा किया गया था कि इस मामले में उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है।

आरोपी ने यह दी दलील

जबरन इस मामले में उसे फंसाया गया है। वह 28 अगस्त 2014 से ही इस मामले में जेल में है, इस कारण उसे जमानत मिलनी चाहिए। लेकिन सीबीआई की ओर से इसका विरोध किया गया। सीबीआई की ओर से बताया गया कि इस मामले में उसके खिलाफ कई साक्ष्य मिले हैं।इस कारण जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

कोर्ट ने इसलिए खारिज की याचिका

दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति एचसी मिश्र की पीठ ने इस मामले में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पूर्व पिछले वर्ष सात दिसंबर को निशानेबाज:नेशनल शूटरः तारा शाहदेव का धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी रंजीत सिंह कोहली ऊर्फ रकीबुल हसन को झारखंड उच्च न्यायालय से फर्जी सिम कार्ड रखने के मामले में जमानत मिल गयी थी क्योंकि इस मामले में अधिकतम सजा की आधी अवधि वह जेल में काट चुका था।

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तारा शाहदेव प्रकरण में पुलिस ने जब कोहली के घर पर छापेमारी की थी, तब उसके पास से 15 मोबाइल और 39 सिम कार्ड बरामद हुए थे। यह सिम अलग-अलग लोगों के नाम से थे। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया कि सिम अलग-अलग नामों से और अलग-अलग पते पर लिए गए थे।

इस मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। अभी तक इस मामले में सेंट्रल फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की रिपोर्ट नहीं आई है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। कोहली की ओर से आरोप लगाया गया था कि सीबीआई इस मामले को जानबूझ कर लटका रही है।