ग्वांग्झू : ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू ने विश्व टूर फाइनल्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल ग्रुप ए के पहले मैच में बुधवार को यहां जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में पराजित करके अपने अभियान का शानदार आगाज किया। लेकिन पुरूष एकल में समीर वर्मा को हार का सामना करना पड़ा।

दुबई में पिछली बार उप विजेता रही सिंधू ने संयम और आक्रामकता का अच्छा नमूना पेश किया तथा विश्व में नंबर दो और मौजूदा चैंपियन यामागुची को 24-22, 21-15 से हराया।

किदाम्बी श्रीकांत के बाद इस टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई करने वाले समीर अपने पहले ग्रुप मैच में विश्व में नंबर एक और विश्व चैंपियन केटों मोमोता की तेजी से सामंजस्य नहीं बिठा पाये और ग्रुप बी के अपने पहले मैच में 18-21, 6-21 से हार गये।

सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने वाले समीर को नाकआउट में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखने के लिये अब ग्रुप बी में थाईलैंड के केंटाफोन वांगचारोन और इंडोनेशिया के टॉमी सुगियार्तो को हराना होगा।

टूर्नामेंट में तीसरी बार भाग ले रही सिंधू ने कई अवसरों पर पिछड़ने के बावजूद हौसला बनाये रखा। पहला गेम 27 मिनट तक चला और इसमें दोनों शटलर ने एक दूसरे पर हावी होने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

पहले गेम में इंटरवल के समय सिंधू 6-11 से पीछे चल रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और अपनी प्रतिद्वंद्वी के बैकहैंड पर करारे स्मैश लगाकर स्कोर 19-19 से बराबर कर दिया।

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इसके बाद खिलाड़ियों की मानसिक परीक्षा थी जिसमें भारतीय अव्वल रही और उन्होंने पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरे गेम में यामागुची ने भारतीय खिलाड़ी के बैकहैंड को निशाने पर रखकर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन सिंधू इस चुनौती के लिये तैयार थी और उन्होंने जापानी खिलाड़ी को करारा जवाब देकर 3-1 से बढत हासिल कर ली।

यामागुची ने हालांकि दबाव बनाये रखा और इस बीच सिंधू ने भी एक गलती की जिससे जापानी खिलाड़ी 6-3 से बढ़त पर आ गयी। यामागुची ने इसके बाद बाहर शॉट मारा और एक बार उनकी शटल नेट पर भी उलझी। इससे सिंधू को वापसी का मौका मिला और वह 8-7 से आगे हो गयी।

यामागुची ने हालांकि हार नहीं मानी और इंटरवल तक वह 11-10 से आगे हो गयी। सिंधू ने ब्रेक के बाद जापानी खिलाड़ी की दो गलतियों का फायदा उठाकर 14-11 से बढ़त बनायी। वह यहीं पर नहीं रूकी और उन्होंने जल्द ही 18-11 से बढ़त बनाकर अपनी स्थित मजबूत कर ली।

यामागुची ने जब शाट नेट पर मारा तो सिंधू को छह मैच प्वाइंट मिल गये। जापानी ने एक मैच प्वाइंट बचाया लेकिन वह फिर से नेट पर खेल गयी और सिंधू ने मैच अपने नाम कर दिया। इस टूर्नामेंट में प्रत्येक ग्रुप से दो खिलाड़ी सेमीफाइनल के लिये क्वालीफाई करेंगी जिसके बाद नाकआउट का ड्रा होगा। सत्र के इस आखिरी टूर्नामेंट में चोटी के आठ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।