लुसानेः अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने भविष्य में ओलम्पिक से संबंधित किसी भी टूर्नामेंट की मेजबानी करने के भारत के सभी आवेदनों को निलंबित कर दिया है।

भारत को अब तभी कोई टूर्नामेंट की मेजबानी करने की इजाजत मिलेगी जब तक कि वह इन टूर्नामेंटों में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को इसमें प्रवेश देने की लिखित आश्वासन नहीं दे देता है।

आईओसी का भारत के खिलाफ यह कड़ा फैसला उस घटना के बाद आया है जिसमें भारत ने नई दिल्ली में शनिवार से शुरू होने वाले अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के दो निशानेबाजों को वीजा देने से मना कर दिया था। इस विश्व कप में टोक्यो ओलम्पिक-2020 के 16 कोटा दांव पर हैं।

भारत ने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा देने से मना कर दिया। पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

आईओसी ने बयान में कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद से और भारत सरकार के अधिकारियों के साथ अंतिम मिनट तक किए गए गहन प्रयासों और चर्चा के बावजूद, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए कोई समाधान नहीं मिला।

आईओसी ने कहा, " इसके बाद आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने भारत के साथ सभी मामलों को स्थगित करने का फैसला किया, ताकि भविष्य में खेल और भारत में ओलंपिक से संबंधित कार्यक्रमों की मेजबानी न हो सके।

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इतना ही नहीं आईओसी ने साथ ही अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों से भारत में होने वाले कार्यक्रमों को आयोजित न करने और भविष्य में किसी भी टूर्नामेंटों के लिए उसे मेजबानी अधिकार नहीं देने का आग्रह किया है, जब तक कि वह (भारत) सभी प्रतिभागियों को भाग लेने की इजाज न दे औ इसके लिए वह लिखित आश्वासन न दे।

आईओसी ने कहा, "उसने सिर्फ 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा से ओलंपिक क्वालीफिकेशन दर्जा हटाया है जिसमें दो पाकिस्तानी निशानेबाजों को भाग लेना था।"

बशन में कहा गया, "यह 61 देशों के उन 500 निशानेबाजों के हित में लिया गया है जो अन्य स्पर्धाओं में भाग ले रहे हैं और वे टूर्नामेंट में भाग लेने के लिये पहले ही भारत में हैं।"