स्कूल की जगह ऑनलाइन क्लासेज पर भरोसा क्यों जता रहे पैरेंट्स, इन बातों का सता रह डर

Why Parents relying on online classes instead of schools - Sakshi Samachar

हैदराबाद : देश में बढ़ते कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले के बीच तेलंगाना (Telangana) में आज से 6वीं से 8वीं तक के स्कूल खुल गए हैं। तमाम ऐहतियात और दिशा-निर्देश के बीच बच्चों को क्लास में एंट्री मिलेगी। हालांकि सरकार ने स्कूल (School) खुलने के बावजूद ऑनलाइन क्लासेज जारी रखने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि अभी भी पैरेंट्स बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर माता-पिता के मन में किस बात का डर है, जिसकी वजह से वो तमाम दिशा-निर्देश के बाद भी स्कूलों पर विश्वास नहीं जता पा रहे हैं।

वरंगल अर्बन के एक सरकारी स्कूल में 10वीं के दो बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जैसे इस बात की जानकारी हुई प्रशासन में हड़कंप मच गया। अन्य बच्चों के पैरेंट्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं उनका बच्चा भी संक्रमण की चपेट में न आ जाए। इस तरह के कई ऐसे बिंदु हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए अभी भी माता-पिता ऑनलाइन क्लासेज पर विश्वास जता रहे हैं। 

क्या बच्चे करेंगे नियम का पालन

पैरेंट्स का मानना है कि स्कूल जाने के बाद बच्चे सभी दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करेंगे, यह कहना मुश्किल है। कक्षा 6वीं से 8वीं तक के बच्चों को एक नियम के तहत बांधना आसान काम नहीं होगा। लगातार हाथ थोना, सेनेटाइज करना, सामाजिक दूरी का पालन करना, मास्क पहनने जैसे ऐहतियात का पालन करना बच्चों के लिए आसान नहीं होगा। ऐसे में अगर कोई एक बच्चा भी संक्रमित होता है तो उस क्लास के कई बच्चे संक्रमण के चपेट में आ सकते हैं और यही संक्रमण स्कूल से लोगों के घरों तक जा सकता है।

क्या शिक्षक रख पाएंगे बच्चों का ध्यान

तेलंगाना की शिक्षा मंत्री पी. सबिता रेड्डी ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सारे दिशा-निर्देश का पालन किया जाए। ऐसे में शिक्षकों पर जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों को इस बात का भी ध्यान देना है कि कक्षाओं में बच्चे सारे नियम का पालन करें। बच्चों को इस बात के लिए प्रेरित करना होगा कि वह स्वच्छता और सुरक्षा दोनों बातों का ख्याल रखें।

ऑनलाइन एग्जाम की मांग

लॉकडाउन के बाद से ही ऑनलाइन क्लासेज के जरिए बच्चों की पढ़ाई चल रही थी। मोबाइल के सहारे बच्चे घर बैठे अपना कोर्स कंप्लीट कर रहे थे। अब पैरेंट्स की मांग है कि जिस तरह साल भर ऑनलाइन पढ़ाई हुई है, उसी तरह एग्जाम भी ऑनलाइन हो जाए। परीक्षा के लिए भी माता-पिता बच्चों को अभी स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से आवश्यक

पैरेंट्स का मानना है कि बड़े बच्चे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन ध्यान से कर लेंगे, लेकिन छोटे बच्चे इतने गंभीरता से इन नियमों को फॉलो नहीं करेंगे। उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अभी उन्हें घर से बाहर भेजना नुकसानदायक साबित हो सकता है।   

स्कूलों के लिए जारी दिशा-निर्देश

शिक्षा मंत्री पी. सबिता रेड्डी ने विद्यालय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वो छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं करें। शिक्षकों के साथ ही छात्रों द्वारा भी कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का मंत्री ने निर्देश दिया है। सरकारी के साथ ही निजी स्कूलों में सफाई को प्राथमिकता देने पर सबिता इंद्रा रेड्डी ने जोर दिया। मंत्री ने खासकर बच्चों से अपील की है कि वो स्कूल में मास्क जरूर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें। 

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