जमानत याचिका पर निवेदन पर वरवर की उम्र का रखा जाए ध्यान: हाईकोर्ट 

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अस्पताल की रिपोर्ट को देखने के बाद बात कही 

स्वास्थ्य के आधार जमानत देने का आग्रह किया

हैदराबाद: बांबे उच्च न्यायालय का बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) व राज्य सरकार भीमा कोरोगांव के एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार आरोपी वरवर राव की जमानत याचिका को लेकर बयान सामने आया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि वरवर राव की जमानत को लेकर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) और महाराष्ट्र सरकार को उनकी उम्र और स्वास्थ्य का ध्यान में रखना चाहिए। 

न्यायमूर्ति एसएस शिंदे व न्यायमूर्ति मनीष पीटाले की खंडपीठ ने बुधवार को राव के स्वास्थ्य को लेकर नानावटी अस्पताल की ओर से पेश की गई रिपोर्ट को देखने के बाद उपरोक्त बात कही। 

खंडपीठ के सामने राव के जमानत आवेदन पर सुनवाई चल रही है। इस सिलसिले में राव की पत्नी ने भी कोर्ट में आवेदन दायर किया है। रिपोर्ट पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने कहा कि मामले से जुड़े आरोपी राव की उम्र 88 साल है। इसलिए एनआईए व राज्य सरकार आरोपी के जमानत आवेदन पर पक्ष रखते समय उसकी उम्र व स्वास्थ्य का भी विचार करे। आखिर हम सभी इंसान हैं। राव ने स्वास्थ्य ठीक न होने के आधार पर कोर्ट से जमानत देने का आग्रह किया।

बता दें कि राव को उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पिछले महीने यहां स्थित नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल तभी से समय-समय पर राव की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के बारे में उच्च न्यायालय को अवगत कराता रहा है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार पिछले महीने नानावती अस्पताल  में उनके उपचार का खर्च वहन करने को सहमत हो गई है।

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