बेटी ने सुसाइड से पहले लिखा- मम्मी-पापा मुझे माफ करना, मैं पढ़ना चाहती थी पर...

unable to study LSR student commit suicide in home Telangana - Sakshi Samachar

हैदराबाद: रंगारेड्डी जिले की रहने वाली कॉलेज की एक छात्रा ने पढ़ाई ना कर पाने के कारण परेशान होकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। छात्रा के पिता ने बताया कि ऐश्वर्या दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीएससी मैथमेटिक्स की छात्रा थी। छात्रा के पिता ने कॉलेज और प्रशासन पर मदद ना करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी खराब आर्थिक हालत के बावजूद लॉकडाउन के समय ऐश्वर्या को हॉस्टल से निकाल दिया गया था।

12वीं कक्षा में 95 फीसदी अंक हासिल करने वाली ऐश्वर्या ने दो नवंबर को अपने घर में ही फांसी लगा ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। ऐश्वर्या ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी पढ़ाई परिवार पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गई है, लेकिन अगर वो पढ़ नहीं सकती तो उसे जीने का हक नहीं है। ऐश्वर्या 12वीं कक्षा में राज्य की टॉपर थीं और उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से INSPIRE स्कॉलरशिप से सम्मानित किया गया था।

राहुल गांधी ने साधी सरकार पर निशाना

छात्रा ऐश्वर्या रेड्डी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. राहुल  (Rahul Gandhi) ने कहा कि जानबूझकर की गई नोटबंदी और देशबंदी से भाजपा सरकार ने अनगिनत घर उजाड़ दिए हैं, यही सच्चाई है. उन्होंने छात्रा के परिवारजनों के साथ संवेदना भी जताई

पढ़ाई के लिए घर गिरवी रखा था
ऐश्वर्या तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के साधनगर की रहने वाली थी और उसके पिता मोटर मैकेनिक थे। पिता का कहना है कि उनकी बेटी आईएएस बनने का सपना देखा करती थी, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि लॉकडाउन के दौरान उसके लिए एक पुराना लैपटॉप ही खरीद सकें। दिल्ली में ऐश्वर्या के एडमिशन के लिए भी उनके पिता श्रीनिवास ने घर को गिरवी रखकर दो लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी किस्त वो अभी तक चुका रहे हैं।

उसके पिता श्रीनिवास का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान दुकान बंद रहने से वित्तीय हालत और खराब हो गई। 6 महीने बाद दोबारा दुकान खुलने के बावजूद कारोबार पटरी पर नहीं आ पाया था। उसके पिता का कहना है कि उस (ऐश्वर्या) का पीजी में रहने का खर्चा 12 हजार रुपये महीना था। हम लोग उसकी मदद नहीं कर पाए। आशा है कि कोई भी छात्र इस स्थिति का सामना नहीं करे।

लॉकडाउन में बहन की पढ़ाई छूटी

परिवार की माली हालत लॉकडाउन के दौरान इतनी गड़बड़ा गई कि एश्वर्या की छोटी बहन को 7वीं कक्षा की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पढ़ाई-लिखाई में बेहद प्रतिभाशाली रही एश्वर्या ने अपने स्कूल में टॉप किया था, वो अपने शहर में दूसरे स्थान पर आई और मेरिट के दम पर देश के टॉप कॉलेज में दाखिला लिया।

सुसाइड नोट में बतायी परेशानी

ऐश्वर्या ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, "मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है, मैं अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं, मैं पढ़ाई के बिना जिंदा नहीं रह सकती हूं, मैं इसके बारे में सोच रही थी और अब मुझे लगता हैं कि मौत ही मेरी लिए एक मात्र रास्ता रह गया है। देखना कि INSPIRE स्कोलरशिप कम से कम एक साल के लिए जारी की जाती है। मम्मी पापा मुझे माफ करें, मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी है।"

लेडी श्रीराम कॉलेज में गणित की छात्रा ऐश्वर्या के पास पैसों की इतनी किल्लत थी कि वो लैपटॉप नहीं खरीद सकी थी। ऐश्वर्या ने अभिनेता सोनू सूद को पत्र लिखकर मदद मांगी थी। उसने पत्र में लिखा था कि लैपटॉप के बिना वो ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रही थी, उसके प्रैक्टिकल नहीं हो पा रहे थे।

कॉलेज छात्रा की मौत से भड़के स्टूडेंट 

छात्रा की मौत से दिल्ली यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया और एनएसयूआइ (नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि छात्रा को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से 'इंस्पायर' फेलोशिप मिलनी थी। नियम के मुताबिक मार्च में फेलोशिप मिल जाना चाहिए थी, जो नहीं मिली।

कॉलेज की स्टूडेंट यूनियन कमेटी ने प्रशासन को ईमेल भेजकर ऐश्वर्या की आर्थिक हालत के बारे में जानकारी दी थी। छात्रों ने कहा कि ऐश्वर्या के पास लैपटॉप नहीं था या ना हीं उसके पास स्थिर इंटरनेट एक्सेस था। उसका मोबाइल डेटा पैक पहले से ही आर्थिक रूप से तनावग्रस्त परिवार की जेब में छेद कर रहा था।

'लैपटॉप ना होने से थी परेशानी'

कमेटी की ओर से किए एक सर्वे में ऐश्वर्या की प्रतिक्रियाओं से ये भी पता चला कि वो अपनी शिक्षा की परिस्थितियों से परेशान थी। इंटरनेट तक पहुंचने में कठिनाइयों के कारण, वो पांच से आठ घंटे की कक्षाओं में केवल तीन घंटे से कम कक्षाओं में भाग ले सकी थी। उसने ये भी कहा था कि उसे सभी जरूरी स्टडी मटेरियल नहीं मिला था।

ऐश्वर्या ने लिखा सर्वे के दौरान लिखा था कि "वे अच्छी तरह से पढ़ा रहे हैं, लेकिन मेरे पास लैपटॉप नहीं है, और मेरा मोबाइल अच्छी तरह से काम नहीं कर रहा है, इसलिए मैं किसी भी प्रेक्टिकल पेपर को करने में असमर्थ हूं।" उसने ये भी कहा कि कक्षाओं के बढ़ते घंटों ने उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। 

हैशटैग जस्टिस फॉर ऐश्वर्या 
छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि छात्रा ने सुसाइड नोट में भी फेलोशिप न मिलने की वजह से तनाव का जिक्र किया है। रविवार को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में छात्राओं ने ऑनलाइन प्रदर्शन भी किया। ट्विटर पर हैशटैग जस्टिस फॉर ऐश्वर्या और रिलीज स्कॉलरशिप ट्रेंड कर रहा है।

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लॉकडाउन में हॉस्टल से निकाला 
ऐश्वर्या ने मेरिट के आधार पर दिल्ली में एलएसआर में सीट प्राप्त की थी और कॉलेज के छात्रावास में रह रही थी। हालांकि, प्रशासन ने छात्रों को दूसरे साल में प्रवेश करने के लिए 10 नवंबर तक परिसर खाली करने के लिए कहा था, जिस चीजे उसके लिए और अधिक कठिन हो गईं, बताया जा रहा है कि ऐश्वर्या को भी हॉस्टल वार्डन द्वारा 7 नवंबर तक परिसर खाली करने के लिए व्हाट्सएप संदेश भेजा गया था।
 

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