पटाखे पर बैन लगाने के HC के फैसले को तेलंगाना क्रैकर्स एसोसिएशन ने SC में दी चुनौती

Telangana Crackers Association Challenged HC Judgement in SC - Sakshi Samachar

तेलंगाना में पटाखे जलाने पर लगा प्रतिबंध हटाये

प्रतिबंध लगाने से होगा करोड़ों का नुकसान

इस रोजगार से जुड़े लोग आत्महत्या भी कर सकते हैं

हैदराबाद : तेलंगाना क्रैकर्स एसोसिएशन ने राज्य में पटाखे बेचने और खरीदने पर प्रतिबंध लगाये जाने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 

एसोसिशन ने दायर याचिका में कहा है कि पटाखे बेचने और खरीदने पर प्रतिबंध लगाये जाने करोड़ों का नुकासान होगा। साथ ही अनेक लोगों की आत्महत्या करने की नौबत आएगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट के फैसल पर स्थगनादेश दें। दायर याचिका पर दोपहर को सुनवाई होगी।

आपको बता दें कि गुरुवार को तेलंगाना हाईकोर्ट ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण फैलने के मामलों को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि तेलंगाना में पटाखों की दुकानों को बंद करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाये। 

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कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि पटाखे जलाने से होने वाली समस्याओं की जानकारी लोगों को देने के लिए विस्तार से प्रचार किया जाये। पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी आगामी 19 नवंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान देने का भी हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है। 

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एस चौहान तथा न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश जारी किया है। खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि प्रदेश में लोग कोरोना की समस्या से जूझ रहे हैं। कई मासूम लोगों की मौत हो हो रही है। कोरोना से लोगों का संघर्ष जारी है। 

कोर्ट ने आगे कहा कि दूसरे चरण के कोरोना वायरस फैलने के समाचार भी मिल रहे हैं। संक्रमित लोगों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे समय में आतिशबाजी करने पर लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की संभावना हैं। वायु प्रदूषण की समस्या भी है। कई राज्य सरकारों ने पहले ही आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि दीपावली महत्वपूर्ण पर्व में से एक है। मगर लोगों की जान इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। यह बात सभी को याद रखनी चाहिए। लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ हम पर भी हैं।

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