KCR ने CAA को बताया देश के लिए गैर जरूरी, विधानसभा में पारित हुआ प्रस्ताव

Telangana Assembly  Passed  Anti CAA Resolution - Sakshi Samachar

देश के 8 राज्य पारित कर चुके हैं प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्रियों के भड़काऊ भाषण

हैदराबाद : नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि नागरिकता कानून पर अमल करने की जरूरत नहीं है। CAA के विरोध में राज्य सरकार ने विधानसभा में सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया। 

इस मौके पर सीएम ने कहा कि विविधता, सैकड़ों साल पुरानी कॉस्मोपॉलिटन कल्चर, भिन्न संस्कृति के आदि बने तेलंगाना को सीएए पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने की जरूरत है। राष्ट्रीय नागरिकता कानून पर गत कुछ दिनों से कई वर्गों के लोग अपने-अपने अंदाज में विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएए पर संसद में राज्य सरकार अपना फैसला सुना चुकी है।

केंद्रीय मंत्रियों ने दिए भड़काऊ बयान 

उन्होंने बताया कि देश में अब तक सात राज्यों केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव कर चुके हैं और अब तेलंगाना आठवां राज्य है जिसने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। केसीआर ने स्पीकर के जरिए केंद्र से लोगों में खलबली मचा रहे सीएए पर पुनर्विचार करने की अपील की। 
उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने सिर्फ नाम के लिए सीएए का विरोध नहीं किया है क्योंकि हमने उसे अच्छी तरह से समझने के बाद उस बिल का विरोध कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दिल्ली दौरे के दौरान अनेक लोग मारे गए और केंद्रीय नेताओं ने मनमने और भड़काऊ बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस देश के लिए सीएए की जरूरत नहीं है।

केसीआर ने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर केंद्र सरकार सीएए लेकर आई है। उन्होंने कहा कि केंद्र के रवैये से लगता है कि सीएए के नहीं आने पर देश डूब जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध न हिन्दू-मुस्लिम की समस्या है और न देश की समस्या है। उन्होंने कहा कि खुद उनके पास उनका बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है। यही नहीं, देश में करोड़ों लोगों के पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं हैं।

सीएए के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किया गया प्रस्ताव पारित हुआ। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद उसे विधानसभा ने निर्विरोध पारित किया।
प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष पोचारम श्रीनिवास रेड्डी ने भोजन अवकाश की घोषणा कर दी। 
 

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