ब्रह्मर्षि समाज हैदराबाद की महिला शाखा की ओर से ‘कुछ सीखें और सिखायें’ कार्यक्रम सम्पन्न

program of women's branch of brahmarshi samaj hyderabad completed - Sakshi Samachar

‘कुछ सीखें और सिखायें

कोरोना काल - कुछ निखरे कुछ बिखरे

हैदराबाद : ब्रह्मर्षि समाज हैदराबाद की महिला शाखा की ओर से ‘कुछ सीखें और सिखायें’ कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिसमें चर्चा का विषय था “कोरोना काल - कुछ निखरे कुछ बिखरे”। समाज की महिला अध्यक्षा श्रीमती रागिनी सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति देते हुए कहा कि यह एक बिलकुल नया और प्रथम प्रयास था जिसमें सभी महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

इस सामूहिक चर्चा में नगरद्वय के साथ देश के विभिन्न शहरों से ब्रह्मर्षि समाज के विभिन्न उम्र की महिलाओं ने भाग लिया। श्रीमती पूजा मिश्रा के संचालन में सब ने कोरोना काल के दौरान इससे सम्बंधित अपने अनुभव साझा किये। कोरोना किस तरह से उनके जीवन में बदलाव लाया है और ज़िंदगी को देखने का नज़रिया कैसे बदला है सब ने इस बात पर चर्चा की। अधिकतर महिलाओं ने माना कि कोरोना ने बुराई के साथ साथ अच्छाई भी लाया है। भागती हुई ज़िंदगी में यह बदलाव शायद ज़रूरी था।

सकारात्मक बदलाव

महिला अध्यक्षा ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस चर्चा के माध्यम से महिलायें आपस में खुलेंगी और सार्वजनिक तौर पर उनका बातचीत करने का हुनर निखरेगा साथ ही उनके अंदर छुपी हुई प्रतिभा बाहर आएगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना से सम्बंधित अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कोरोना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

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दोस्तों की कमी

समाज की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती उषा शर्मा ने कोरोना पर आधारित कविता का पाठ किया जिसे सभी सदस्यों ने हृदय से सराहा। साथ ही उन्होंने आयोजकों को इस आयोजन के लिए बधाई दीं और उनका मनोबल बढ़ाया। अलकनन्दा सिंह ने कहा कि इस महामारी में जहाँ भगदौर की ज़िंदगी में थोड़ा ठहराव आया था वही अब अपने दोस्तों की कमी भी खल रही है। जहाँ एक ओर संध्या राय ने कोरोना की वजह से प्रकृति में आए बदलाव की चर्चा की वहीं रूबी सिंह ने अपना क़ीमती वक़्त बेटी को देकर माँ की ज़िम्मेदारी पूर्ण करने पर  आश्वस्त नज़र आईं।

खेत का काम

श्रीमती अंकिता सिंह और श्रीमती निधी राय ने लॉक्डाउन के दौरान कई महीने परिवार से दूर फँसे रहने पर हुई कठिनाइयों के बारे में बताया। पूर्व अध्यक्षा अनीता राय ने लॉकडाउन के दौरान डॉ पति को खेत का काम करते देखने पर प्रसन्नता जताया क्योंकि पहले इतना वक्त कभी मिला ही नहीं था कि कभी पुश्तैनी ज़मीन की ओर उनका ध्यान जाता। प्रगति सिंह और और गरिमा आनंद ने इस काल में घर में बंध जाने और घर के काम में ही उलझे रहने की बात की छुट्टी में भी दूर रह रहे माता पिता से नहीं मिलने की विवशता बताईं।

माता पिता की ज़िम्मेदारी

प्रियंका सिंह ने आपबीती बताया और अपने बच्चों को इस दौरान काम करने की महत्ता सिखाने की बात कही। बंगलुरु से जुड़ी श्वेता सिन्हा और रितु बाला ने लॉकडाउन के दौरान बच्चों में आई बदलाव पर बात की और उन्हें अच्छी सीख देने हेतु माता पिता की ज़िम्मेदारी की बात की। रूपम ने कोरोना के दौरान लिखी गई रचनाओं का पाठ किया तथा राँची से जुड़ी डॉ किरण कुमारी ने समाज से जुड़ने पर हर्ष व्यक्त किया और उन्होंने भी अपनी कविता पाठ किया।

सूर्योदय

इंकम टैक्स ऑफ़िसर वंदना भारती ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नौकरी में आने के बाद पहली बार सूर्योदय देख पा रही हैं क्योंकि व्यस्त ज़िंदगी ने इन चीजों से नाता तोड़ दिया था। प्रो संगीता सिन्हा ने बताया कि लॉक्डाउन ने पुत्रवधू के साथ बांडिंग बनाने का वक्त दिया और कोरोना की वजह से हम समझ पाए हैं  कि हमारी ज़रूरतें वाक़ई में बहुत कम होती है। कार्यकारिणी सदस्य गीतू शर्मा ने कोरोना का गंगा पर सकारात्मक और भारतीय एकोनोमी पर नकारात्मक प्रभाव की बात की एवं विधात्री सिंह ने परिवार और संस्कृति की बात की।

जितना बिखरे हैं उतना ही निखरे

डॉ आशा मिश्रा ने कोरोना की वजह से रुकी हुई ज़िंदगी की बात करते हुए आशा जताया कि इस परिस्थिति से हम जल्दी ही उबर पाएँगे और भविष्य में इससे जुड़ी अच्छी बातें ही याद करेंगे। समाज की उपाध्यक्ष श्रीमती सुधा राय ने अध्यक्षीय टिप्पणी में उपस्थित सदस्यों की प्रतिक्रिया को सराहते हुए कहा कि कोरोना में हम जितना बिखरे हैं उतना ही निखरे भी हैं। सबने अपने अनुभव वग़ैर कोई झिझक के साँझा किया जिससे कार्यक्रम की सार्थकता सिद्ध होती है। सबके अनुभव और विचार सराहनीय है क्योंकि हम सबने नकारात्मक परिस्थिति में भी सकारात्मकता खोज लिया है। कोरोना हमें ज़िंदगी को साधारण तरीक़े से जीना सिखाया है।

आभार व्यक्त

श्रीमती मीतू शर्मा और श्रीमती अपूर्वा ने भी अपने विचार रखे। इसके अतिरिक्त श्रीमती सिम्मी सिन्हा, श्रीमती भारती सिंह, श्रीमती अनुपम, श्रीमती बिन्नी, श्रीमती विजया पांडे, श्रीमती दीपा, कुमारी श्रीशा आदि ने कार्यक्रम में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती गीतू शर्मा ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से कार्यक्रम में जुड़े सभी सदस्यों एवं आयोजनकर्ता महिला विंग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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