यादाद्री जिले में कोरोना से पहली मौत, स्थानीय लोगों में दहशत

pregnant women deceased coronavirus yadadri - Sakshi Samachar

कोरोना से संक्रमित थी गर्भवती  डिलीवरी के बाद बच्चे की मौत एक दिन बाद महिला की मौत

आलेर : यादाद्री जिले में कोरोना वायरस से पहली मौत हुई है। जिले के राजापेट के दूदीवेंकटपुरम गांव में एक प्रसूता की कोरोना से मौत हो गई है। मामले को विस्तार से जानें तो, गाँव के व्यक्ति एर्रोल्ल नागराजू की पत्नी संतोष (23) की डेढ़ साल की बेटी है।

वह फिर से गर्भवती हुई और राजापेट में ही उसका चिकित्सा परीक्षण कराया गया। वहां डॉक्टरों ने कहा कि उसके शरीर में रक्त कम है तो वह अपने मायके जनगाम जिले के बच्चनपेट्टा गई। पिछले महीने की 28 तारीख को, वह जनगाम के एमसीएच सरकारी अस्पताल में चिकित्सा परीक्षण के लिए गई तो उन्होंने उसे उस्मानिया अस्पताल में भेज दिया।
वहां परीक्षण करवाने के बाद वह फिर राजापेट के सरकारी अस्पताल में गई तो डॉक्टरों ने भुवनगिरी एरिया अस्पताल में रेफर कर दिया। वह फिर से जनगाम सरकारी अस्पताल गई वहां फिर से उसे उस्मानिया रेफर किया गया। उसे 29 तारीख को हनमकोंडा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संतोष की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने खून चढ़ाकर उसे 31 उस्मानिया भेजा गया था। वहाँ रात में उसने बच्चे को जन्म दिया जो मर गया।  
इस महीने की 1 तारीख को दोपहर में संतोष की भी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने उसका कोरोना परीक्षण किया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 

नौ लोगों को क्वारंटाइन भेजा गया 

दुदीवेंकटपुरम गांव में महिला की मौत कोरोना से होने की खबर का पता चलते ही उसके प्राथमिक और सेकेंडरी संपर्कों की पहचान करने का अधिकारी काम कर रहे हैं।

अधिकारियों ने 9 लोगों को जिनमें मृतका संतोष का पति नागराजू, परिवार के सदस्यों में मामा एरोल्ला मातय्या, पत्नी मैसम्मा, दूसरे बेटे करणाकर, पत्नी हारिका, संतोष की बेटी हेमाश्री और बहनोई वेंकटैया उसकी पत्नी, संतोष की मां को बिबीनगर एम्स में स्थानांतरित कर दिया है। जहां वे क्वारंटाइन में रखे गए हैं और उनका परीक्षण चल रहा है। सेकेंडरी कॉंटैक्ट के तौर पर उन 20 लोगों का पता लगाया जा रहा है जो संतोष को उस्मानिया में देखने गए थे। 

गांव के लोग दहशत में 

संतोष का पति ग्राम पंचायती में सफाई कर्मचारी है और सबसे मिल-जुलकर रहता था। अब जब सबको पता चला है कि उसकी पत्नी की कोरोना से मौत हुई है तो सारा गांव दहशत में है। नागराजु सबके घर जाकर कचरा लेने का काम करता है, करता रहा है। अब सबको यही डर सता रहा है कि कहीं वे भी कोरोना से संक्रमित न हो जाए। 

 
गांव में सैनिटाइजेशन ...

गांव में कोरोना से मौत होने से ग्राम सरपंच ने सैनिटाइजेशन का काम करवाया। जब यह काम करवाया गया तो गांव वालों को घर में ही रहने की हिदायत भी दी गई थी। साथ ही गांव के लोगों को कोरोना से बचने के लिए मास्क लगाने और अच्छी तरह से हाथ धोने की बात भी बताई गई। 

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