हैदराबाद: सड़क पर उतरी गांधी अस्पताल की नर्सें, भर्ती कोरोना मरीजों की सुध नहीं

outsourcing workers protest near gandhi hospital in hyderabad - Sakshi Samachar

आउट सोर्सिंग नर्सें बीते 15 साल से काम कर रही हैं

हैदराबाद : गांधी अस्पताल के आउट सोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ का प्रदर्शन चौथे दिन जारी रहा। स्टाफ ने मांग की है कि उन्हें समय पर वेतन का भुगतान करने के साथ नियमित किया जाये। हालांकि गांधी अस्पताल के प्रबंधन ने उन्हें हर महीने 25, 000 रुपये वेतन देने ने इनकार कर दिया। साथ ही डेली इंसेंटिव 300 रुपये देने से भी मना कर दिया। 

आउटसोर्सिंग स्टाफ के एक नर्स ने कहा कि वे बीते 15 साल से वह काम कर रही है। उसने बताया कि नर्स की नियुक्ती होने पर राज्य सरकार हर महीने 25,000 रुपये वेतन देती है। उसने मांग कि हैे कि  आउटसोर्सिंग के स्टाफ के सभी नर्सों को नियमित करने के साथ हर महीने 35, 000 रुपये वेतन दिया जाये।  

अन्य एक नर्स ने कहा कि यह कैसा न्यायोचित होगा, जब वह नवनियुक्त नर्स की तरह काम करे और उससे भी कम वेतन पाये। हालांकि नवनियुक्त नर्स को हर महीने ने 25,000 रुपये वेतन दिया जाता है और कई साल का काम करने का अनुभव होने के वाबजूद उसे भी हर महीने अनियमित रूप से 25, 000 रुपये दिये जाते है। नर्स ने सभी नर्सों को हर महीने 35,000 रुपये  देने की मांग की है।

आपको बता दें कि तेलंगाना में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिनों दिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। फिलहाल यह आंकड़ा 35,000 के पार पहुंच रहा है। अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का बेहाल हो रहा है। इस क्रम में गांधी अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित सैंकडों मरीज भर्ती है। इससे पहले ही मरीजो की लापरवाही की मुहर गांधी अस्पताल पर लगी है। ऐसे आउट सोर्सिंग पर नियुक्त कर्मचारियों के काम बंद और प्रदर्शन के चलते मरीजों की हालत बदतर होती जा रही है। 

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