जर्जर हो रही उस्मानिया अस्पताल बिल्डिंग की सुध लेने वाला कोई नहीं, सोशल मीडिया पर शुरू हुई मुहिम

Osmania Hospital’s old building renovation work plan in cold storage - Sakshi Samachar

हैदराबाद: महानगर हैदराबाद (Hyderabad) के सबसे बड़े अस्पताल की जर्जर हो रही इमारत को लेकर मुख्यमंत्री केसीआर (KCR) निशाने पर हैं। बता दें कि कम से कम दो मौकों पर मुख्यमंत्री ने उस्मानिया हॉस्पिटल (Osmania Hospital) के जीर्णोद्धार का वादा किया था। जबकि प्रशासनिक सूत्रों से खबरें मिल रही है कि भवन की मरम्मती का मामला अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। आम लोगों के साथ ही विपक्षी पार्टियां भी इससे काफी नाराज है। साथ ही सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को खूब हवा दी जा रही है। 

कुछ महीनों पहले हैदराबाद में हुई भारी बारिश के दौरान उस्मानिया अस्पताल के बेसमेंट में पानी घुस गया था। यहां तक कि वार्ड में रह रहे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। तब सरकार की तरफ से एलान किया गया था कि जल्दी ही अस्पताल की बिल्डिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

करीब 100 साल पुरानी है उस्मानिया अस्पताल की बिल्डिंग

उस्मानिया अस्पताल के भवन का गौरवशाली इतिहास रहा है। इसे करीब 100 साल पहले बनवाया गया था। मजबूत नींव होने के बावजूद इसके रख रखाव में भारी कोताही बरती गई। नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि एक तबका जानबूझकर बिल्डिंग को जर्जर बने देना चाहता है। ताकि वक्त के साथ इसे ध्वस्त किया जा सके और यहां की अमूल्य जमीन पर बिल्डरों का कब्जा हो सके। 

अब सोशल मीडिया पर उस्मानिया अस्पताल की बिल्डिंग को बचाने की मुहिम शुरू हुई है। फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप के जरिए लोग सरकार के नुमाइंदों तक संदेश पहुंचा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री को उनके वायदों की याद दिला रहे हैं। उस्मानिया अस्पताल के भवन के हिस्सों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर सरकार से लगातार गुहार लगाई जा रही है। 

पूर्व चेवेल्ला सांसद कोंडा विशेश्वर रेड्डी ने इसी तरह अस्पताल की एक तस्वीर लेकर ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने अस्पताल के भवन को सबसे खूबसूरत इमारत बताया। ऐतिहासिक महत्व की इस बिल्डिंग के जर्जर होने को लेकर पूर्व सांसद ने शर्मनाक बताया। 

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