अभी एक दिन में हो पा रहे हैं केवल 5 हजार कोरोना टेस्ट, मंत्री जी कर रहे हैं सबकी टेस्टिंग का दावा

Now only 5 thousand corona tests are being done in a day, the minister is claiming everyone's testing - Sakshi Samachar

तेलंगाना में जारी है कोरोना का कहर

स्वास्थ्य मंत्री कह रहे बढ़ाया जा रहा परीक्षण

हैदराबाद: राज्य में दस सरकारी लैब संदिग्ध कोविड -19 रोगियों से सैंपल के संग्रह में वृद्धि के बाद अपनी पूरी क्षमता से चल रही हैं। नतीजतन, अगले कुछ दिनों में, सरकारी लैब में परीक्षण किए जा रहे सैंपलकी संख्या तेलंगाना में 6,000 अंक को छूने की संभावना है।

वरिष्ठ सरकारी महामारी विज्ञानियों ने विश्वास व्यक्त किया कि एक बार लैब के कार्यभार और नमूनों के वितरण को और सुव्यवस्थित और कुशल बना दिया जाता है तो कोविड -19 संदिग्ध रोगियों के सैंपल की संख्या प्रति दिन 6,000 से अधिक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि उचित योजना बनाई जाए और जिलों में कुछ और परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाए तो राज्य में प्रति दिन 10,000 सैंपल की परीक्षण क्षमता बढ़ा सकते हैं।

फीवर अस्पताल के निदेशक, डॉ के के शंकर कहते हैं कि " फीवर अस्पताल और निवारक चिकित्सा संस्थान (आईपीएम) में, हम तीन पारियों में प्रति दिन 2,400 स्वाब सैंपल का परीक्षण करने में सक्षम हैं। लगभग सभी सरकारी लैब ने अब प्रशिक्षित माइक्रोबायोलॉजिस्ट और वैज्ञानिकों की भर्ती पूरी कर ली है, जिन्हें कोविड -19 परीक्षण करने की आवश्यकता है।”

फीवर अस्पताल में लैब में दो आरटी पीसीआर मशीनें थीं और हाल ही में नलगोंडा और निजामाबाद के सरकारी अस्पतालों से फीवर अस्पताल में दो और मशीनें स्थानांतरित की गई हैं। आईपीएम की लैब में पहले से ही दो पीसीआर मशीनें हैं और दोनों लैब प्रतिदिन 2, 400 सैंपल का परीक्षण करने के लिए मिलकर काम कर सकती हैं।

उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के लैब ने एक वैज्ञानिक, तकनीशियनों की भर्ती की और अपनी क्षमता का विस्तार करने के लिए एक उच्च अंत आरएनए एक्सट्रैक्टर की खरीद भी की।

उस्मानिया मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल, डॉ पी शशिकला रेड्डी कहती हैं कि “पिछले चार से पांच दिनों से, हम अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रहे हैं, क्योंकि हमने एक आनुवंशिक वैज्ञानिक और माइक्रोबायोलॉजिस्ट की भर्ती की है। वर्तमान में, हमारी क्षमता प्रति दिन 500 सैंपल के परीक्षण की हैं लेकिन हम आने वाले दिनों में और अधिक सैंपल लेने के लिए भी तैयार हैं।"

सेंपल कलेक्टिंग पॉइंट

हैदराबाद में सरकारी लैब परीक्षण के लिए विभिन्न सैंपल संग्रह बिंदुओं से स्वाब नमूने प्राप्त करती हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री, ईटेला राजेंदर ने लोगों से इन केंद्रों में आने और परीक्षण करवाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रत्येक व्यक्ति की का परीक्षण करेंगे और 11 केंद्रों में संदिग्धों के सैंपल एकत्र करेंगे। जो लोग परीक्षण करवाने के लिए आ रहे हैं, उन्हें मास्क पहनना चाहिए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए क्योंकि ऐसा न करने पर कोरोना फैलने का डर रहता है।

मंगलवार को चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ मंत्री ने अपने कक्ष में समीक्षा बैठक की। मंत्री ने सुझाव दिया कि जो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाएं, पर उनमें लक्षण कम हो तो वो घर में ही रहें। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि ऐसे लोगों से सुबह और शाम को कॉल सेंटर द्वारा फोन करके उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जाए।

मंत्री ने कहा कि जिन्हें जरूरत हो उनके पास डॉक्टरों को भेजा जाना चाहिए। डॉक्टर और नर्स को मरीज को दिन में तीन बार आना चाहिए और सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज के लिए आने वाले हर मरीज के लिए उपलब्ध होना चाहिए।

सभी जिलों के मेडिकल कॉलेजों में कोरोना मरीजों को भर्ती करने की तैयारी की जा रही है और कालोजी हेल्थ यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ करुणाकर रेड्डी और कोरोना नोडल अधिकारी डॉ श्रवण को जिम्मेदारी सौंपी गई।

मंत्री ने उनकी तैयारियों पर एक नियमित रिपोर्ट मांगी। तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (टीआईएमएस), गांधी अस्पताल में कितने लोगों की जरूरत है उसके लिए अस्पतालों को प्रस्ताव बनाने के बारे में कहा। 

अधिकारियों को सभी आवश्यक दवाएं बुनियादी स्वास्थ्य केंद्रों से सामान्य अस्पताल में उपलब्ध कराने का आदेश दिया। मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ, मौसमी बीमारियों का एक उच्च जोखिम होता है, और उस हद तक क्षेत्र के अस्पतालों में व्यवस्था की जानी चाहिए।

जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ श्रीनिवासन को डोर-टू-डोर फीवर सर्वे फ्रीक्वेंसी को बढ़ाने का आदेश दिया गया है। वहीं GHMC के तहत अधिक मामले सामने आ रहे हैं तो जितनी जल्दी एक कोरोना मरीज को पहचाना जाएगा उतनी जल्दी इस पर रोक लगेगी। 

उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि “लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं ताकि खुद का परीक्षण करवा सकें और सैंपल की संख्या में काफी वृद्धि भी हुई है। जिस किसी को भी परीक्षण करवाने की आवश्यकता है, उसका परीक्षण किया जाएगा। ”

किंग कोठी अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ मल्लिकार्जुन ने कहा कि “कुछ दिनों पहले तक हम रोगियों से 100 से 110 स्वाब के सैंपल एकत्र करते थे। हालाँकि, आज हमने संदिग्ध रोगियों से 203 स्वाब सैंपल एकत्र किए, जबकि कल यह 193 स्वाब सैंपल थे। सभी संग्रह केंद्र धीरे-धीरे अपनी क्षमता को बढ़ा रहे हैं ताकि अधिक संख्या में सैंपल का परीक्षण किया जा सके।"

ये है शहर के सैंपल कलेक्शन सेंटर 

- किंग कोठी अस्पताल
-फीवर अस्पताल, नल्लाकुंटा
-चेस्ट अस्पताल, एर्रागड्डा
-नेचर क्योर अस्पताल, अमीरपेट
-एसडी आई अस्पताल, मेहदीपट्टनम
-आयुर्वेद अस्पताल, एर्रागड्डा
-होमियोपैथी अस्पताल, रामंतापुर
-निजामिया टिब्बी अस्पताल, चारमीनार
- मोहल्ला अस्पताल, कोंडापुर
-वनस्थलीपुरम का मोहल्ला अस्पताल
- ईएसआई अस्पताल, नाचारम
-सरूरनगर ईएसआई, अस्पताल।

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