तेलंगाना के गांवों में प्रवासी मजदूरों की नो-इंट्री, गांव में ऐसे हो रहा घुसने का विरोध

Migrant Laborers not to Enter Village in Adilabad District - Sakshi Samachar

खेतों में रहने को मजबूर हैं प्रवासी मजदूर

रखी 14 दिन के बाद गांव में प्रवेश की शर्त

आदिलाबाद : देश ही नहीं पूरी दुनिया में कोराना का कहर जारी है। इसी क्रम में देश में 3 मई तक लॉकडाउन है। जबकि तेलंगाना में 7 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाया गया है। इसके चलते रोजी-रोटी के चक्कर में गये प्रवासी मजदूर (श्रमिक) शहरों और कस्बों में फंस गये हैं। ये मजदूर दाने-दाने के लिए तरस रहे है। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई है। 

ऐसे समय में प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने गांवों को नहीं जा पा रहे हैं। फिर भी कुछ लोग हिम्मत करके पैदल ही गांव जा रहे हैं। मगर गांव जाने के बाद कोरोना संक्रमण के डर से गांव वाले में उन्हें प्रवेश करने नहीं दे रहे हैं। ऐसी एक घटना तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के सिरिकोंडा मंडल के रामपुरगुड़ा गांव में प्रकाश में आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुरगुड़ा गांव निवासी राठोड़ रमेश, पवार और रमेश हैदराबाद में एक निजी कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन के समय से ये तीनों हैदराबाद में थे। इस दौरान उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसी क्रम में मंगलवार रात को ये तीनों एक लॉरी में बैठकर बैठकर अपने पैतृक गांव चले गये। 

यह भी पढ़ें :

कोविड-19 अपडेट : तेलंगाना में कोरोना के 7 नये मामले दर्ज, कई जिलों में नहीं निकले नए केस

गांव पहुंचने के बाद गांव वालों ने इन तीनों को कोराना संक्रमण के डर से गांव के अंदर प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके कारण ये तीनों प्रवासी मजदूर कुछ दिनों से गांव के खेतों में रह रहे हैं। इस दौरान गांव वालों ने कहा कि 14 दिन तक इन तीनों में कोरोना के लक्षण नहीं पाये जाने पर गांव में प्रवेश दिया जाएगा।

Advertisement
Back to Top