राजेंद्र नगर में एक बार फिर दिखाई दिया तेंदुआ, लोगों में दहशत

Leopard was seen reserved forest area of Agricultural University Rajendranagar - Sakshi Samachar

एक बार फिर दिखाई दिया तेंदुआ 

रात के समय मकानों में रहे लोग

हैदराबाद : पिछले सप्ताह प्रो जयशंकर कृषि विश्वविद्यालय के परिसर में स्थापित सीसी टीवी कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ एक बार फिर दिखाई दिया। इस बार कृषि विश्वविदियालय और गगन पहाड़ के बीच आरक्षित वन क्षेत्र में स्थापित सीसी कैमरे में तेंदुआ कैद हुआ दिखाई दिया। 

आपको बता दें कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन अधिकारियों ने लगभग 25 कैमरे लगाये हैं। इसी क्रम में तेंदुआ विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान की प्रहरी दीवार के बाहर सोमवार को सुबह 11.14 बजे दिखाई दिया। तेंदुए का दूसरा फोटो प्रहरी दीवार के बाहर घूमते समय भी लिया गया। 

वन अधिकारियों ने इन फोटों का निरीक्षण/जांच करने के बाद बताया कि तेंदुआ विश्वविद्यालय तथा गगन पहाड़ के बीच घूम रहा है। मगर वह राजेद्रनर के आवासीय इलाकों में नहीं जा रहा है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को चेतावनी दी है कि वे सावधान रहे और रात के समय मकानों से बाहर नहीं निकले। 

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यह वहीं तेंदुआ है जो 14 मई को काटेदान रोड पर निर्मित ब्रिज के नीचे डिवाइडर के पास दिखाई दिया था। तब तेंदुए ने एक लॉरी चालक को घायल करके फरार/लापत हो गया था। तब से जू पार्क और वन अधिकारी तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में लगे हैं। मगर तेंदुआ उनके हाथ नहीं लग रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में नलगोंडा जिले में वन अधिकारियों पर हमला करने वाले तेंदुए की मौत हो गई थी। पुलिस और वन अधिकारियों ने जिले के मर्रिगुडा मंडल के राजुपेटा तांडा के पास छह घंटे की मशक्कत के बाद तेंदए को पकड़ा था। मगर पकड़े गये तेंदुओ को हैदराबाद ले आते समय बीच में ही उसकी मौत हो गई। 

पुलिस और वन अधिकारियों को राजुपेटा के पास तेंदुआ होने की जानकारी मिली थी। इसी क्रम में पुलिस और वन अधिकारियों उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान उसे बेहोश करने के प्रयास में तेंदुआ बगीचे की सुरक्षा के लिए स्थापित फेंसिंग से निकल गया और वन अधिकारियों पर हमला किया। इस हमले में दो वनकर्मी घायल हो गये। इसके बाद तेंदुआ झाड़ियों में जाकर छिप गया। अधिकारियों ने तेंदुए को बेहोश करने के हथियार से सात बार प्रयास किया। मगर तेंदुए पर इसका कोई असर नहीं हुआ। 

आखिर आठवीं बार जब तेंदुआ को बेहोश करने का प्रयास किया गया, तब तेंदुए ने अधिकारियों पर हमला किया और वाहन के नीचे जाकर बैठ गया। इसी दौरान अधिकारियों ने नजदीक से उस पर बेहोश करने वाले हथियार का प्रयोग किया। तब जाकर तेंदुआ बेहोश हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने तेंदुए को पिंजरे में बंद किया।

अधिकारियों ने बताया कि बंदी बनाये गये तेंदुए को हैदराबाद के जू पार्क ले जाते समय बीच में ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि तेंदुए के पैर फेंसिंग में फंस जाने और इधर-उधर भटकने की वजह से जख्म और भी गंभीर हो गया था। 

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