29 अक्टूबर को होगा 'धरणी पोर्टल' का उद्घाटन, DA पर होगा नितिगत फैसला

KCR Review Meeting on DA and Dharani Portal - Sakshi Samachar

2020-21 बजट पर अंतरिम समीक्षा

सरकार को करीब 33 करोड़ का दान

हैदराबाद : तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अधिकारियों को दशहरे के अगले दिन अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस वर्ष दशहरे के अगले दिन (26 अक्टूबर) को अवकाश के रूप में शेड्यूल तैयार करने को कहा। शुक्रवार को प्रगतिभवन में अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फिलहाल महंगाई भत्ता (DA) कितनी देनी है, इसका फैसला केंद्र करेगा और राज्य केंद्र के निर्णय का अनुसरण करेंगे। 

 केंद्र की देरी की वजह से डीए बकाया बढ़ने का हवाला देते हुए उन्होंने अधिकारियों को हर छह महीने में एक बार राज्य में  महंगाई भत्ता निर्धारित करने और केंद्र के फैसले बाद जरूरी संशोधन करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि कैबिनेट में चर्चा के बाद DA को लेकर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने 1 जुलाई 2019 से मिलने वाली महंगाई भत्ते का तुरंत भुगतान करने और DA से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया।

2020-21 बजट पर अंतरिम समीक्षा

सीएम केसीआर ने 2020-21 बजट पर अंतरिम समीक्षा करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना के मद्देनजर राज्य सरकार की आय में भारी कमी आई है और केंद्र से मिलने वाली निधि में कटौती हुई है। केंद्रीय जीडीपी माइनस 24 तक गिर जाने के मद्देनजर बजट पर समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपने को कहा। तेलंगाना सरकार की प्रतिष्ठित धरणी पोर्टल के शुभारंभ का मुहूर्त तय हुआ है। इस महीने की 29 तारीख को सीएम केसीआर इस धरणी पोर्टल का शुभारंभ करने वाले हैं।

तेलंगाना में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए कर्मचारी आगे आई हैं और उन्होंने अपना एक दिन का वेतन सरकार को दान में देने का ऐलान किया है। उनके इस निर्णय से सरकार को करीब 33 करोड़ का दान मिलने वाला है। धान की खरीदी के लिए गांवों में स्थापित किए जाने वाले खरीद केंद्रों में ही समर्थन मूल्य चुकाकर मकई खरीदी जाएगी और प्रति क्विंटल 1,850 रुपए का समर्थन मूल्य देकर मार्क फेड के जरिए खरीदी की जाएगी।

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सीएम ने किसानों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मकई को देशभर में मांग नहीं होने के कारण कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसानों से बरसात में मकई की खेती नहीं करने की अपील की है। केसीआर ने कहा कि किसान कल्याण और कृषि विकास के लिए देश में सर्वाधिक कार्यक्रमों का संचालन करने वाला राज्य सिर्फ तेलंगाना है। यही नहीं, उनकी सरकार ने किसानों को संगठित शक्ति के रूप में बदल दिया है। 

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