कोरोना काल के बावजूद हैदराबाद के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट में तेजी, हुई 40 फीसदी की बढ़ोतरी

Hyderabad accounts for nearly 40 percent of residential launches in fourth quarter 2020 - Sakshi Samachar

50 लाख रुपये से कम के फ्लैट मुख्य आकर्षण

चौथी तिमाही में 68 फीसदी ज्यादा बिक्री दर्ज

हैदराबाद: कोरोना महामारी (Coronavirus) के बावजूद हैदराबाद ने देश में आवासीय प्रोजेक्ट (Housing Project) को लेकर एक अच्छा स्थान कायम किया है। साल 2020 में हैदराबाद (Hyderabad) में चौथी तिमाही के दौरान ही कुल 26,785 यूनिट की लगभग 40 प्रतिशत यानी 10,313 यूनिट बनाई गई। वहीं बेंगलुरू में 4,335 इकाइयों के साथ 16 प्रतिशत ही नए फ्लैट्स का निर्माण किया गया है। 

साल 2020 की आखिरी तिमाही में हैदराबाद में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट की गति में तेजी देखी गई, जो पिछले साल की आखिरी तिमाही की 5,396 इकाइयों की तुलना में 91 प्रतिशत बढ़कर 10,313 इकाई पर पहुंच गई। जेएलएल (Jones Lang LaSalle ) के मुताबिक जो पिछले 4-5 सालों में देखा गया है, उसके हिसाब से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट की गतिविधियों ने साल 2020 में नई ऊंचाइयों को बढ़ाया है।

50 लाख रुपये से कम के फ्लैट मुख्य आकर्षण

कोंडापुर, हफीज़पेट और कोकपेट क्षेत्रों में केंद्रित नए हाउसिंग प्रोजेक्ट के साथ, पश्चिमी उपनगरों में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट तैयार करने पर ज्यादा ध्यान दिया गया। साल 2020 के आखिरी तीन महीने में किफायती घरों की लिस्ट में नए 50 लाख रुपये से कम के फ्लैट्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जो तिमाही के दौरान कुल नए लॉन्च फ्लैट्स का 31 प्रतिशत है। 

साल 2020 की तीसरी तिमाही में हैदराबाद की आवासीय बिक्री में पॉजिटिव आकर्षण देखा गया, जो कि साल 2020 की अंतिम तिमाही में भी जारी रहा। जहां तिसरी तिमाही में आवासीय इकाइयों की  2,122 यूनिट की बिक्री हुई थी वहीं चौथी तिमाही में 3,570 आवासीय इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई। जो तीसरी तिमाही का 68 फीसदी ज्यादा है। 

जल्द तैयार होने वाले घरों से बढ़े मार्केट रेट

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जेएलएल के एमडी और प्रमुख संदीप पटनायक का कहना है कि, “शहर में प्रमुख उप-मार्केट्स में इन्वेंट्री के लिए रेडी-टू-मूव सीमित है। इसलिए, हाल ही में शुरू हुए नए हाउसिंग प्रोजेक्ट और अगले 6-9 महीने में पूरे होने वालो घरों की ओर बायर का ज्यादा ध्यान आकर्षित हुआ है। पश्चिमी उपनगर उपनगरीय इलाके कोंडापुर, कोकपेट, हफीज़पेट और नरसिंगी जैसे स्थानों ने खरीददारों को ऑफिस के पास घर होने के कारण ज्यादा आकर्षित किया। 

उनका कहना है कि, "बुनियादी ढांचे में विकास के कारण शहर में स्थापित आईटी हब के लिए बेहतर कनेक्टिविटी हो गई है, पूर्वी और उत्तरी उपनगर होमबॉयर्स के लिए नए ऑप्शन के रूप में उभरे हैं। 

कम इन्वेंट्री स्तर, विशेष रूप से परियोजनाओं में मूव-इन के लिए तैयार घरों ने डेवलपर्स को कीमतों पर पकड़ बनाने के लिए मजबूती प्रदान की है। बिक्री के सामान्य होने की स्थिति में और सुधार की उम्मीद के साथ, शहर में पूर्वी उपनगरों और उत्तरी उपनगर (कोमपल्ली, बाचुपल्ली) के सबमार्केट में इलाके की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। 

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