बारिश की वजह से ढह गई गोलकोंडा किले की दीवार, बड़ा हादसा टला

 Golconda Fort Wall Collapsed  - Sakshi Samachar

दस महीने पहले ही गोलकोंडा किले की मरम्मत

श्री जगदंबिका माता के मंदिर के सामने दीवार गिरी

हैदराबाद : महानगर का प्रसिद्ध प्रर्यटक स्थल गोलकोंडा किले की दीवारी ढह गई। किले के श्री जगदंबिका माता के मंदिर के सामने 20 फीट की दीवार गिर गई। 

पता चला है कि महानगर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दीवार में दरारे आई थी। इसी के कारण यह हादसा हुआ है। इस हादसे में किसी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि क्योंकि कोरोना के कारण पर्यटक बहुत कम मात्रा में गोलकोंडा देखने के लिए आ रहे है। इसके चलते बड़ा हादसा टला है। 

आपको बता दें कि पुरातत्व विभाग ने दस महीने पहले ही गोलकोंडा किले की मरम्मत की थी। तेलंगाना सरकार हर साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को तीरंगा ध्वज यहीं पर फहराता है।

गोलकोंडा किले का संक्षिप्त इतिहास

देश के सबसे बड़े और सुरक्षित किलों में से गोलकोंडा किला एक है। गोलकोंडा में अरब व अफ्रीका के देशों के साथ हीरे व मोतियों का व्यापार होता था। दुनियाभर में मशहूर कोहिनूर हीरा भी यहीं मिला था। कुतुबशाही वंश के राजाओं की कला के प्रति दिवानगी को इस किले में आकर साफतौर पर देखा जा सकता है। 

                                 फोटो सोशल मीडिया से साभार

पहले यह मिट्टी का किला था। बाद में कुतुब शाही वंश के शासनकाल में इसे ग्रेनाइट से बनवाया गया। दक्कन के पठार में बना यह सबसे बड़े किलों में से एक है। यह किला 400 फुट उंची पहाड़ी पर बनवाया गया। किले में 87 अर्द्ध बुर्ज, आठ द्वार और चार सीढ़ियां हैं।  

इसमें दुर्ग की दीवारों की तीन कतार बनी हुई है। ये एक दूसरे के भीतर है और 12 मीटर से भी अधिक उंचे हैं। सबसे बाहरी दीवार के पार एक गहरी खाई बनाई गई है। यह 7 किलोमीटर की परिधि में शहर के विशाल क्षेत्र को कवर करती है। इसमें 8 भव्य प्रवेश द्वार हैं। साथ ही 15 से 18 मीटर की उंचाई वाले 87 बुर्ज बने हैं। 

इसके अलावाकिले में हथियार घर, हब्शी कमान, ऊंट अस्तबल, तारामती मस्जिद, निजी कक्ष (किलवत), नगीना बाग, रामसासा का कोठा, मुर्दा स्नानघर, अंबर खाना और दरबार कक्ष आदि हैं। इनमें से प्रत्येक बुर्ज पर अलग-अलग क्षमता वाले तोप लगे है। यह किले की अभेद्य और मध्ययुगीन दक्कन के किलों में इसे सबसे मजबूत किला कहा जाता था।

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