इस गांव की महिला सरंपच लाठी लेकर कर रही है रखवाली, गाँव में घुसने वालों की खैर नहीं

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तेलंगाना में एक गांव की महिला सरपंच कोरोना वायरस महामारी को भगाने के लिए लाठी लेकर रास्ते पर खड़ी

रात 9 बजने के बाद किसी को भी न अंदर आने देती और न ही किसी को बाहर जाने देती

हैदराबाद : यह सभी जानते है कि कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए तेलंगाना सरकार ने लॉकडाउन किया है। तेलंगाना में ही नहीं इस समय पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। यह सब मानव जाति को कोरोना वायरस महामारी से बचने और बचाने के लिए किया जा रहा है। पुलिस और अधिकारी जनता से आग्रह कर रहे है कि ऐसे कठिन दौर में संयम और संकल्प का परिचय दें। साथ ही बार-बार लोगों से मकानों में रहने का आग्रह कर रहे है।  

इसी क्रम में तेलंगाना में एक गांव की महिला सरपंच कोरोना वायरस महामारी को भगाने के लिए लाठी लेकर रास्ते पर खड़ी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भद्रादीकोत्तागुडेम जिले के भीमुनिगुडेम गांव की महिला सरपंच मडकम पोतम्मा वह स्वत: गांव की रक्षा के लिए हाथ में लाठी लिये खड़ी है। 

पोतम्मा न गांव के किसी भी व्यक्ति को बाहर जाने देती है और न ही बाहर किसी व्यकित को गांव के अंदर प्रवेश करने देती है। पोतम्मा चेतावनी देती है कि यदि कोई सब्जी (साग-भाजी) या दवा लेने आने के लिए जाना चाहता है तो उसे सुबह 6 से रात 9 बजे तक की अनुमति देती है। रात 9 बजने के बाद किसी को भी न अंदर आने देती और न ही किसी को बाहर जाने देती है। 

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महिला सरपंच मडकम पोतम्मा एक बहुत संयम और संकल्प के साथ बखुबी अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। महिला सरपंच देश के अनेक लोगों के लिए एक आदर्श का उदाहरण है।

दूसरी ओर इस समय इंसान के लिए इससे बड़ी और खुश खबर कोई और नहीं हो सकती है। बड़े-बड़े देश, बड़े-बड़े डॉक्टर्स और वैज्ञानिक अपने आपको बेसहारा महसूस कर रहे हैं। ऐसे समय में हैदराबाद एक मिसाल बनने जा रहा है। जी हां, मानव जाति के लिए सवाल बन चुकी और पूरे विश्व में हजारों लोगों की मौत का कारण बनी कोरोना वायरस महामारी को मिटाने की दवा हैदराबाद में बन रही है।

प्रमुख इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नालॉजी (आईआईसीटी), काउंसिल ऑफ साइंस एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च (सीएसआईआर) ने मिलकर दवा बनाने का काम शुरू किया है। 
आईआईसीटी के निदेशक चंद्रशेखर ने मीडिया को बताया कि यह शोध के लिए कुछ ड्रग्स की मदद से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि दस वैज्ञानिक...तैयार किये गये दवा को आईआईसीटी इस बार कोरोना वायरस महामारी मिटाने के लिए जोरों से कोशिश कर रही है। 

चंद्रेशखर ने दावा किया कि फेविपिर विल, रेमिडिसविर और टेलाक्सिविर नामक ड्रग्स कोरोना वायरस को खत्म करने सफल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस ड्रग्स पर क्लिनिकल ट्रायल्स किया गया है। मगर मार्केट में इसकी जरूरत नहीं पड़ने के कारण इस दवा का उत्पादन नहीं किया गया।

निदेशक चंद्रशेखर ने बताया कि इस ड्रग्स को टैबलेट्स और इंजेक्शन के रूप में तैयार करके मार्केट में जारी करने के लिे प्रमुख दवा कंपनी सिप्ला आगे आई है। अगले चार में महीने में कोनारा वारायर निवारण दवा को मार्केट में ले आने कि लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी है। इसके दो वैज्ञानिक शिफ्टों में काम कर रहे हैं।

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