JP नड्डा के बयान पर भड़के तेलंगाना के हेल्थ मिनिस्टर, बोले- इतना उतावलापन ठीक नहीं

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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‍डा के आरोपों का ईटेला ने किया विरोध

ईटेला ने कहा भाजपा अध्यक्ष को ऐसा उतावलापन नहीं करना चाहिए

हैदराबाद: भाजपा अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने तेलंगाना में कोविड -19 महामारी के इलाज पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए जो टिप्पणी की थी, उस पर तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ईटेला ने गंभीर आपत्ति जताते हुए रविवार को भाजपा शासित राज्यों में कोविड -19 की प्रतिक्रिया पर उनसे सवाल किया।

उन्होंने कहा कि कोविड -19 ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी उग्र रूप धारण किया और राष्ट्रीय दल के नेताओं को तेलंगाना की कोविड -19 स्थिति पर प्रतिक्रिया देने व आलोचना करने के लिए इतना उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए। 

ईटेला ने आगे कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश इस कोरोना नामक महामारी से लड़ रहा है, संघर्ष कर रहा है, ऐसे में भाजपा प्रमुख के इस तरह के बयान गैर जिम्मेदाराना नहीं तो और क्या है। 

रविवार को यहां मीडिया के साथ बातचीत करते हुए, ईटेला ने खुलासा किया कि तेलंगाना द्वारा अपनी कोविड -19 परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए खरीदे गए एक उच्च चिकित्सा नैदानिक उपकरण को चेन्नई से पश्चिम बंगाल में भेज दिया गया था।

उन्होंने आगे कहा कि “वह मशीन हमारी परीक्षण क्षमता को बढ़ाकर प्रति दिन 4,500 कोविड -19 परीक्षण कर सकती थी, लेकिन इसे केंद्र द्वारा चेन्नई से पश्चिम बंगाल को दे दिया गया। मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और ICMR के डीजी डॉ बलराम भार्गव के साथ इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए इसे उन्हें दे दिया गया। ज्यादा विरोध किए बिना हमने अपनी क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। ICMR ने कितनी बार अपने दिशानिर्देश बदले? और फिर भी हम निरंतर अपनी स्थिति में सुधार करते रहे, ”उन्होंने कहा।

ईटेला ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव देश के उन चंद नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ताली बजाने और दीप जलाने के कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पहले दिन से, जब तेलंगाना में 2 मार्च को पहला कोविड -19 मामला दर्ज किया गया था, मुख्यमंत्री का संदेश महामारी का राजनीतिकरण करने से बचने के लिए था जिसने पूरे देश को प्रभावित किया है। ईटेला ने कहा, "सीएम केसीआर देश के उन कुछ नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के समय मोदी के आह्वान को स्वीकार किया था।"

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसों के दौरान भी, मुख्यमंत्री केसीआर एकता के लिए अकेली आवाज थे। "हमने हमेशा पीएम को आश्वासन दिया कि हम साथ काम करेंगे और कोविड -19 महामारी से विजयी होंगे।"

ईटेला ने कहा, "जब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और यहां तक कि केंद्र की टीमों ने कोविड -19 का प्रसार रोकने के लिए तेलंगाना की सराहना की है, तो इस तरह की गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी अनावश्यक घर्षण पैदा करने का प्रयास है।"

आपको बता दें कि कल भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कल कहा था कि तेलंगाना हिमाचल प्रदेश के छोटे राज्य की तुलना में कम परीक्षण कर रहा है। एक पत्रकार की मौत ही बताती है कि सरकार कोरोना से कैसे निपट रही है। तेलंगाना राज्य में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजनाएं जनता के बजाय भ्रष्टाचार पर केंद्रित हैं। मोदी के नेतृत्व वाला तेलंगाना आने वाले दिनों में विकसित होने जा रहा है।

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