तेलंगाना में प्लाज्मा थेरेपी से ठीक हुआ पहला मरीज, गांधी अस्पताल की बड़ी उपलब्धि

 Corona Patient Cured with Plasma Therapy in Telangana - Sakshi Samachar

गांधी अस्पताल को मिली एक और उपलब्धि

प्लाज्मा थेरेपी से ठीक हुआ पहला मरीज 

हैदराबाद : तेलंगाना के गांधी अस्पताल को एक और उपलब्धि हासिल हुई है, यहां प्लाज्मा थेरेपी से एक कोविड-19 संक्रमित मरीज ठीक हो गया। इसके चलते चिकित्सकों में नई उम्मीद जगी है। चिकित्सों और संक्रमितों को अब ऐसे लोगों का इंतजार है, जो कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हुए है। इन लोगों के सहयोग से अन्य कोरोना संक्रमितों का इलाज कराया जा सकेगा ।  

गौरतलब है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से प्लाज्मा थेरेपी के लिए अनुमति मिलने के बाद गांधी अस्पताल (कोविड-19 अस्पताल) में एक मरीज का सफल इलाज किया गया। जिस मरीज का प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया गया, उसकी बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। वह 15 दिन से अस्पताल में भर्ती था। पिछले दस दिन से उसका प्लाज्मा थेरेपी के जरिए इलाज किया जा रहा था। 

प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल

डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। इसके साथ ही एक अन्य मरीज का इलाजा किया जा रहा है। तेलंगाना सरकार ने 10 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी चिकित्सा प्रदान करने के लिए आईसीएमआर से अनुमति मांगी है। गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने 10 दिन पहले ही प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल शुरू किया था। डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी इलाज के लिए निर्धारित मानदंडों के आधार पर चुना जाता है। 

यह भी पढ़ें :

तेलंगाना में फिर बढ़ रहे कोरोना के मामले, GHCM में सामने आए 42 पॉजिटिव केस

पहला शिविर

आपको बता दें कि सोमवार को प्लाज्मा थेरेपी के लिए रक्तदान का पहला शिविर आयोजित किया गया था। इसमें दो लोगों ने कोरोना से संक्रमित 15 मरीजों को खून दिया है। यह बड़ी उपलब्धी है।

अस्पताल के अधीक्षक

अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजा राव ने मीडिया को बताया कि प्लाज्मा को रक्त से अलग करना होता है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसी के वजह से एक दिन में केवल 3-4 लोगों का ही खून लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में और अधिक प्लाज्मा दाताओं की जरूरत हैं। हालांकि हमारे पास लगभग 40 लोगों की सूची है। खुशी की बात यह है कि ये लोग प्लाजा दान देने के लिए तैयार है। 

बढ़ी सेवा

दूसरी ओर रक्तदान करने वालों ने कहा कि उन्हें जीने की तो उम्मीद ही नहीं थी। मगर प्लाज्मा थेरेपी के कारण वो ठीक हो गये हैं। यदि हमारे खून से दूसरों की जान बच जाती है तो इससे बढ़ी सेवा और क्या हो सकती है।

Advertisement
Back to Top