KCR की ओर सवालिया नजरों से देख रहे लोग, देश के कई शहरों में लॉकडाउन तो हैदराबाद में क्यों नहीं..!

Corona: Lockdown is coming again in many cities of the country then why not in Hyderabad - Sakshi Samachar

तेलंगाना में बढ़ते जा रहे कोरोना के मामले 

देश के अन्य राज्यों में मामलों के बढ़ने से लग रहा लॉकडाउन

हैदराबाद में नहीं दिख रहे लॉकडाउन के आसार 

हैदराबाद : कोरोना के मामले देश के कई हिस्सों में फिर से बढ़ रहे हैं वहीं तेलंगाना में तो कोरोना का कहर लगातार जारी है। खासतौर पर हैदराबाद में तो कोरोना मौत का तांडव मचा रहा है और लोग दहशत के माहौल में जी रहे हैं कि पता नहीं कब कोरोना उन्हें अपनी चपेट में ले ले। 

देखा जाए तो पहले तेलंगाना में कोरोना के कम मामले दर्ज हो रहे थे। लॉकडाउन में कम केस आने से लोग खुश थे वहीं जैसे ही लॉकडाउन खत्म हुआ वैसे ही तेलंगाना में कोरोना केस बढ़ने लगे। राजधानी हैदराबाद तो जैसे कोरोना का गढ़ ही बनता जा रहा है। 

जहां पहले सरकार ने लॉकडाउन लगाया था वहीं अब तो लोग सरकार से विनती करते भी देखे गए कि लॉकडाउन लगाकर उनकी जान बचा ले। कुछ दिनों पहले तो लॉकडाउन के बारे में खुद सीएम केसीआर भी संकेत देते दिखे और लोगों ने भी इसकी तैयारी करनी शुरू कर दी पर फिर ऐसा कुछ नहीं हुआ जबकि कोरोना के मामलों में तो कोई कमी नहीं आई।

देश के कई राज्यों में लग रहा है लॉकडाउन 

देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच फिर से लॉकडाउन लगाया जा रहा है। ये राज्य हैं ..उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम जैसे कई राज्यों में लॉकडाउन लगाने या बढ़ाने का एलान किया है। 

- मुंबई के ठाणे में 19 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा पुणे में 13 जुलाई से 10 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। कोरोना के नए मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन को ज्यादातर राज्यों में क्षेत्रवार रूप से लागू किया गया है। 
 
- कोरोना मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में 50 घंटे से अधिक समय तक सख्त लॉकडाउन लागू किया गया। यूपी में 10 जुलाई को रात 10 बजे शुरू हुआ लॉकडाउन 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक जारी रहा। वहीं अब हर हफ्ते में दो दिन मिनी लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया है यानी अब शनिवार और रविवार को यूपी में  लॉकडाउन रहेगा। 

-कर्नाटक सरकार ने राज्य में कोरोना के तेजी बढ़ते मामलों के बीच शनिवार को बेंगलुरू शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 जुलाई से एक सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की। 

-असम की नागरिक समितियों ने कामरूप मेट्रोपॉलिटन में अगले दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाए जाने का सुझाव दिया है। असम के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हिमंत विस्‍व सरमा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक हफ्ते तक लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है। इस संबंध में कल एक अधिसूचना जारी की जाएगी। 

-बिहार में भी कोरोना का प्रकोप बढ़ने के कारण लॉकडाउन लगाया गया है। इसके मद्देनजर 11 जिलों में फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है। यहां कई जिलों में अलग-अलग अवधि तक के लिए लॉकडाउन लगाया है। वहीं संपूर्ण लॉकडाउन लगने की बात भी चल रही है।

-केरल के तिरुअनंतपुरम में शुक्रवार को एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसकी घोषणा की। साथ ही कहा कि कंटेनमेंट जोन में ट्रिपल लॉकडाउन लागू होगा।

-उत्तराखंड के काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में दो दिन तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। यहां शादी समारोह में शामिल हुए 24 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

-पश्चिम बंगाल में एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। राज्य के 23 जिलों में 20 में कंटेनमेंट जोन हैं। निजी और सार्वजनिक वाहनों पर रोक लागू है, जबकि सभी आवश्यक समान बेचने वाली वाली दुकानों को छोड़कर अन्य सभी बंद हैं। 

तेलंगाना में भी बढ़ रहे कोरोना के मामले 

तेलंगाना में भी कोरोना वायरस का तांडव साफ देखा जा सकता है। पिछले चार महीनों की तुलना में इस समय कोरोना की रॉकेट जैसी तेज गति से फैल रहा है। मार्च से जून के अंत तक 12,696 कोरोना पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए। जबकि सिर्फ जुलाई के इन 11 दिनों में में 50 प्रतिशत (13,233) से अधिक मामले दर्ज किए गए जो कि चिंता का विषय है। 

परीक्षण कम पर पॉजिटिव रेट ज्यादा 

तेलंगाना में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं वहीं परीक्षण कम होने के आरोप भी लगते रहे हैं। वहीं कोरोना पॉजिटिव दर के मामले में तेलंगाना देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। तेलंगाना कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र और दिल्ली के पीछे था पर अब उन दोनों राज्यों को पीछे धकेलकर, पहले स्थान पर आ गया है। 

तेलंगाना के प्रत्येक दस लाख लोगों में से 3430 का कोविड परीक्षण किया गया, जिनकी पॉजिटिव दर 21.91 प्रतिशत थी। महाराष्ट्र में, प्रति मिलियन आबादी में से 9564 का परीक्षणों किया गया जिनमें से पॉजिटिव दर 18.73% है। 

कोविड का दिल्ली में दस लाख की आबादी में से 35,993 का परीक्षण किया गया, जिनकी पॉजिटिव दर 14.94 प्रतिशत थी। अन्य तेलुगु राज्य आंध्र प्रदेश में एक लाख लोगों में से, 20,498 लोगों का कोविड का परीक्षण किया। पॉजिटिव दर 2.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना से मृत्यु दर 3.02% है। वहीं तेलंगाना में यह केवल 1.10 प्रतिशत है जिससे चिंता इस विषय मे कुछ कम हो जाती है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक के बाद तेलंगाना में ही कोरोना मामलों की दोहरीकरण दर ( डबलिंग रेट) सबसे अधिक है। कर्नाटक में कोरोना मामलों की संख्या 8.5 दिनों में दोगुनी हो रही है । तेलंगाना में कोरोना मामलों की संख्या को दोगुना होने में  9.5 दिन लग रहे हैं।

नहीं है लॉकडाउन लगाने की मंशा 

जब देश में हर उस जगह लॉकडाउन लगाने की बात हो रही है जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं वहीं तेलंगाना में खासकर हैदराबाद में कोरोना के बढ़ने पर भी राज्य सरकार लॉकडाउन लगाने से कतरा रही है। हैदराबादी दहशत में है और कई बार सरकार से लॉकडाउन लगाने की गुहार भी लगा चुके हैं पर इस सबसे भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। किसी भी कीमत पर राज्य सरकार यहां फिर से लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नहीं है।

हाल ही में केंद्र के गृहराज्य मंत्री किशन रेड्डी भी कह चुके हैं कि राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार को कारगर उपाय करने चाहिए साथ ही अगर लॉकडाउन लगाना चाहे तो भी राज्य की स्थिति देखकर सरकार तय कर सकती है। 

इस पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री केटीआर ने आर्थिक पक्ष का हवाला दिया। केटीआर ने कहा कि फिर से लॉकडाउन लगाने से राज्य की आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी और लोगों को रोजगार की दिक्कत आएगी। 

तो यहां सवाल यह उठता है कि क्या राज्य के लोगों की जान से ज्यादा सरकार को आर्थिक पक्ष की चिंता है? जब लोग कोरोना से बचेंगे तभी तो आर्थिक लाभ-हानि का हिसाब करेंगे। 

राज्य सरकार पर उठ रहे सवाल 

तेलंगाना में लगातार कोरोना के मामले बढ़ने से राज्य सरकार पर सवाल उठ रहे हैं और कहा जा रहा है कि कोरोना की रोकथाम करने में राज्य सरकार विफल रही है। मंत्री केटीआर ने इस बात का जवाब देते हुए कहा कि अगर राज्य की टीआरएस सरकार कोरोना को रोकने में विफल रही तो फिर क्या केंद्र की मोदी सरकार सफल है जिसने विश्व में भारत को कोरोना के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया है। 

आखिर क्यों नहीं लग रहा राज्य में लॉकडाउन

सब बातों को जानने और समझने के बाद भी सवाल वहीं का वहीं है कि आखिर जब देश के कई राज्य की सरकारें लॉकडाउन लगा रही है तो फिर तेलंगाना की सरकार क्या चाहती है? एक समय ऐसा था जब सीएम केसीआर कह रहे थे कि राज्य की आर्थिक स्थिति से ज्यादा जरूरी है लोगों की जान तो अब उन्हें लोगों की चिंता क्यों नहीं हो रही? कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बाद भी केसीआर सरकार आखिर क्यों लॉकडाउन पर विचार तक नहीं कर रही। 

                 ..............मीता,  सीनियर सब-एडिटर-सीनियर रिपोर्टर,  साक्षी समाचार

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