इन जिलों तक इस साल पहुंचेगी सिंचाई जल, पालमुरू-रंगारेड्डी परियोजना के तहत काम पूरा करने का CM KCR ने दिया आदेश

CM KCR orders Construction of Palmuru-Rangareddy project to be completed this year - Sakshi Samachar

CM KCR ने छह महीनों में काम पूरा करने के दिए निर्देश

एक करोड़ तक के कार्यों को अनुमति दे सकते हैं चीफ इंजीनियर

प्रगति भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

हैदराबादः तेलंगाना (Telangana) के कई जिलों तक बहुत जल्द सिंचाई जल पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को शनिवार को सख्त आदेश दिये हैं। साथ ही उनसे कहा है कि किसी भी हाल में यह काम इसी साल पूरा हो जाना चाहिए।

बता दें कि सीएम केसीआर ने महबूबनगर व रंगारेड्डी जिलों (Mahbubnagar and Rangareddy) को सिंचाई जल देने वाली पालमुरू-रंगारेड्डी परियोजना (Palamuru-Mahbubnagar Project) के निर्माण कार्यों को इस साल के अंत तक पूरा करने के आदेश दिए हैं।

छह महीनों में काम पूरा करने के निर्देश

साथ ही नलगोंडा जिले (Nalgonda) के मुनुगोडू (Munugodu) और देवरकोंडा (Deverakonda) क्षेत्रों को पेयजल व सिंचाई जल देने वाली डिंडी परियोजना (Dindi Project) के निर्माण कार्यों में तेजी लाने और इन कार्यों को छह महीनों में पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अगले बजट में इन दो परियोजनाओं के लिए आवश्यक निधियां आवंटित की जाएंगी। उन्होंने इन दो परियोजनाओं के कार्यों से संबंधित बिलों का भुगतान करने के लिए तत्काल दो हजार करोड़ रुपये जारी करने के लिए आदेश दिए।

एक करोड़ तक के कार्यों को अनुमति दे सकते हैं चीफ इंजीनियर

केसीआर ने बताया कि अत्यंत आवश्यक व कम खर्च वाले कार्यों की मंजूरी के लिए हैदराबाद आने की जरूरत नहीं है क्योंकि विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को ही यह अधिकार दिया गया है। इंजीनियर-इन-चीफ एक करोड़ रुपये तक के कार्यों को अनुमति दे सकते हैं।

एक वर्ष में कुल 25 करोड़ रुपये कार्यों को मंजूरी दे सकते हैं। इसी प्रकार मुख्य अभियंता 50 लाख रुपये के कार्यों एक वर्ष में कुल 5 करोड़ अधीक्षक अभियंता 25 लाख रुपये के कार्यों वर्ष में कुल 2 करोड़ कार्यकारी अभियंता 5 लाख रुपये के कार्यों वर्ष में कुल 25 लाख, उप कार्यकारी अभियंता 2 लाख रुपये के कार्यों वर्ष में कुल 5 लाख को मंजूरी दे सकते हैं।

प्रगति भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

केसीआर ने आज प्रगति भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इन दोनों परियोजनाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पालमुरू-रंगारेड्डी परियोजना के नार्लापुर जलाशय व पंप हाउस, नार्लापुर- एदुला नहर, एदुला पंप हाउस-वट्टेम नहर, वट्टेम जलाशय, वट्टेम-कर्वेना नहर, कर्वेना जलाशय, कर्वेना-उद्दंडापुर नहर वह टन्नेल कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि कल्वकुर्ति, बीमा, कोइलसागर, नेट्टेमपाडु परियोजनाओं को पूरा करने से पूर्व महबूबनगर जिले में 10 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई जल मिलेगा। जूराला से भी मिलाकर देखा जाए तो कुल 11.5 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई जल मिल जाएगा। केसीआर ने नागरकर्नूल, नलगोंडा व रंगारेड्डी जिलाधीशों को इन दो परियोजनाओं की परिधि में भू-अधिग्रहण के लिए तत्काल निर्वासितों को मुआवजा का भुगतान करने के आदेश दिये।

इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक विद्युत मोटरों को मंगवाने के आदेश

उन्होंने सिंचाई सचिव रजत कुमार को बीएचईएल अधिकारियों से बैठक कर इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक विद्युत मोटरों को मंगवाने के आदेश दिया। समीक्षा बैठक में उर्जा मंत्री जगदीश रेड्डी, तेरास संसदीय दल के नेता के.केशवराव, सरकार के मुख्य सलाहकार राजीव शर्मा, सिंचाई प्रधान सचिव रजत कुमार व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम केसीआर ने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिष्ठात्मक मिशन भगीरथ परियोजना द्वारा जनता को शुद्ध व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है। इसके चलते ग्राम पंचायतों से लेकर सचिवालय तक इसी पनी का उपयोग करें। उन्होंने जनता से मिशन भगीरथ पानी का सेवन करने की अपील करते हुए बताया कि इस पानी में सभी मिनरल उपलब्ध है।

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