'ब्रांड हैदराबाद' को कितनी टक्कर दे सकेगा 'चेंज हैदराबाद'

Brand Hyderabad vs Change Hyderabad in GHMC Elections 2020 - Sakshi Samachar

टीआरएस का चुनाव मुद्दा 'ब्रांड हैदराबाद'

भाजपा का चुनावी एजेंडा 'चेंज हैदराबाद'

हैदराबाद : जीएचएमसी चुनाव 2020 (GHMC Elections 2020) में राजनीतिक पार्टियों की प्रचार सरगर्मियां तेज हो रही है। एक-दूसरे के खिलाफ बयान का दौर जोरों पर चल रहा है। अलग-अलग पार्टियां अपने-अपने एजेंडों को लोगों के सामने रख लुभाने का प्रयास कर रही हैं। जीएचएमसी के चुनाव दो प्रमुख पार्टियों में प्रचार  होड़ अधिक दिखाई दे रही है। तेलंगाना (Telangana) में सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस (TRS) तो केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा (BJP) अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को  रिझाने पर जोर दे रही हैं। 

सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस के मंत्री केटीआर (KTR) ने जीएचएमसी चुनाव 2020 में 'ब्रांड हैदराबाद' (Brand Hyderabad) का चुनावी मुद्दा रखा है तो भाजपा के युवा मोर्चा के  प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) ने 'चेंज हैदराबाद' (Change Hyderabad) का मुद्दा मतदाताओं के सामने रखा है। यह मतदाताओं पर निर्भर करता है कि वह 'ब्रांड हैदराबाद' पर अधिक गौर करती है या फिर 'चेज हैदराबाद' पर अपना निर्णय लेते हैं। 

मंत्री केटीआर का 'ब्रांड हैदराबाद' 

मंत्री केटीआर ने 'ब्रांड हैदराबाद' के चुनावी मुद्दे पर लोगों को लुभाने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि हैदराबाद में स्थिरता और सुरक्षा कायम रहती है तो विकास की गति तेज होती है। दिग्गज कंपनियां हैदराबाद मेें निवेश करने में रूचि दिखा रही है। महानगर में दिग्गज कंपनियों के निवेश करने पर लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। रोजगार उपलब्ध होने पर युवा असमाजिक गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे। महानगर में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में युवा सहयोग देंगे।

स्टार प्रचारक ने कहा कि हैदराबाद को विश्व स्तर पर 'ग्लोबल सिटी' के तौर पर जाना जाता है। बड़ी-बड़ी कंपनियां हैदराबाद में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। इसका क्रियान्वयन भी शुरू हो गया है। अगले कुछ महीनों में महानगर में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध होने जा रहे हैं। 

तेजस्वी साई का 'चेंज हैदराबाद'

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने 'चेंज हैदराबाद' के चुनावी मुद्दे को भूनना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि टीआरएस जीएचएमसी में जीत का परचम लहराती है तो महानगर में अराजकता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि टीआरएस और एमआईएम की अंदरूनी सांठगांठ के चलते हैदराबाद का बेड़ा पार हो सकता है। महानगर में तुगलकी शासन रहेगा और असामाजिक गतिविधियां बढ़ेंगी। हैदराबाद में निजाम के शासनकाल की समाप्ति हो चुकी है लेकिन एमआईएम और टीआरएस उसी शासनकाल को परोक्ष रूप से बरकरार रखना चाहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि यहां रहनेवाले लोगों का भाग्य बदलने वाले महानगर को भाग्यनगर भी कहा जाता है, लेकिन दुर्भाग्य से हैदराबाद कहा जाता है। 

इसे भी पढ़ें :

TRS के मैनिफेस्टो में हैदराबादियों को लुभाने के लिए 20 से अधिक घोषणाएं, जानिए क्या-क्या हो जाएगा फ्री

हैदराबाद को 'इस्तांबुल' बनाना चाहते KCR और ओवैसी, तेजस्वी सूर्या का आरोप

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि जीएचएमसी के चुनाव 2020 में भाजपा के जीत का झंडा लहाराता है तो हैदराबाद का नाम फिर से भाग्यनगर होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिदृश्य में जीएचएमसी चुनाव 2020 काफी महत्वपूर्ण हैं। जीएचएमसी चुनाव 2020 के परिणामों पर ही दक्षिण भारत केरल और तमिलनाडु का राजनीति निर्भर है। चुनाव के परिणाम का असर केरल और तमिलनाडु की राजनीति पर भी होगा। 

आपको बता दें कि जहां टीआरएस एक ओर 'ब्रांड हैदराबाद' का मुद्दा भूना रही है तो दूसरी ओर भाजपा 'चेंज हैदराबाद' का चुनावी मुद्दा भुनाने पर लगी हैं। जीएचएमसी चुनाव 2020 में जीत का निर्णय तो महानगर के मतदाता लेंगे। टीआरएस ने 'ब्रांड हैदराबाद' के नाम से 'एप' जारी किया है तो भाजपा ने 'चेज हैदराबाद' के नाम से 'एप' जारी किया है।

Related Tweets
Advertisement
Back to Top