40 घंटे पड़ा रहा कोरोना मरीज का शव, कुछ कॉरपोरेट अस्पतालों में होने लगी मनमानी

Body of corona patient remained for 40 hours at corporate hospital in secunderabad  - Sakshi Samachar

मनमर्जी बिल बनाकर कुछ कॉरपोरेट अस्पताल लूटखसोट कर रहे हैं

प्रोपराइटर ने शेष राशि का भुगतान करने तक शव उनके कब्जे में देने से इनकार किया

हैदराबाद : महानगर के कुछ कॉरपोरेट अस्पतालों में मानवता को कलंक लगानेवाली घटनाएं घट रही है। शव की राजनीति अब अस्पताल के प्रोपराइटर भी करने लगे। कोरोना मरीज की चिकित्सा हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये हो रही है। मनमर्जी बिल बनाकर कुछ कॉरपोरेट अस्पताल लूटखसोट कर रहे हैं। सिकंदराबाद के दो-तीन कॉरपोरेट अस्पताल में इससे पहले भी ऐसी घटना हुई है। 

सिकंदराबाद के यशोदा अस्पताल में सेक्युरिटी गार्ड का काम करनेवाले कर्मचारी को भर्ती किया गया। वह कोरोना वायरस से संक्रमित था। उसे पिछले महीने की 20 तारीख को अस्पताल में भर्ती किया गया था। चिकित्सा के दौरान इस महीने की 12 तारीख की रात 9 बजे उसकी मौत हो गई। 

मृतक के रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल के डॉक्टरों से शव देने को कहा। इस पर डॉक्टरों ने चिकित्सा शुल्क का भुगतान करने की बात कही। इस पर रिश्तेदारों ने कुल बिल 20 लाख रुपये में 12 लाख रुपये इंश्योरेंस के माध्यम से अस्पताल को चुकाये। शेष 8 लाख रुपये चुकाने को लेकर उसी अस्पताल में काम करनेवाले मृतक के रिश्तेदार पर दबाव बनाया। 

कॉरपोरेट अस्पताल के प्रोपराइटर ने शेष राशि का भुगतान करने तक शव उनके कब्जे में देने से इनकार किया। मरीज को मरे 40 घंटे हो गये लेकिन उसका शव रिश्तेदारों को नहीं दिया गया। आपको बता दें कि मृतका की रिश्तेदार उसी अस्पताल में डॉक्टर है। रिश्तेदारों ने डीएम एण्ड एचओ की शिकायत की। 
 

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