हैदराबाद में शुरू हुआ 'बायो एशिया-2021', 'जीनोम वैली एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानि​त हुआ भारत बायोटेक

Bio Asia-2021: Bharat Biotech got the Genome Valley Excellence Award - Sakshi Samachar

भारत बायोटेक को मिला जीनोम वैली एक्सीलेंस अवार्ड

कोविड वैक्सीन के जरिये हैदराबाद ने दी विश्व को आशा

वैक्सीन को लेकर दुनिया की आशा भारत की ओर

हैदराबाद: बायो एशिया के 18वें संस्करण 'बायो एशिया-2021' (Bio Asia-2021) का सोमवार से आगाज हो गया। हैदराबाद (Hyderabad) स्थित आईटीसी काकतिया (ITC Kakatiya) में एशिया के सबसे बड़े जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी सम्मेलन 'बायो एशिया-2021' का उद्घाटन तेलंगाना (Telangana) के आईटी मंत्री के.तारक रामाराव ने किया।

'मूविंग दि निडिल' थीम (Moving the Needle) पर आयोजित सम्मेलन में जीवन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि मौजूद थे। वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रति वर्ष दिए जाने वाला 'जीनोम वैली एक्सीलेंस अवार्ड' (Genome Valley Excellence Award) भारत बायोटेक के को-वैक्सीन को दिया गया। भारत बायोेटेक (Bharat Biotech) के प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला और डॉ. सुचित्रा एला ने यह पुरस्कार लिया। 

वैक्सीन को लेकर दुनिया की आशा भारत की ओर

के.तारक रामाराव ने अपने संबोधन में कहा कि हैदराबाद के वैज्ञानिकों तथा उद्यमियों ने कोरोना महामारी से सुरक्षा तथा निदान के लिए वैक्सीन को त्वरित रूप से विकसित कर जीवन विज्ञान के क्षेत्र में शहर को सुर्खियों में ला दिया है। आज विश्व में हैदराबाद की पहचान 'वैक्सीन की वैश्विक राजधानी' के रूप में बन रही है।

हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वैक्सीन को लेकर दुनिया की आशा भारत की ओर हैं। विश्व की एक बड़ी आबादी को हैदराबाद में निर्मित तथा उत्पादित टीकों द्वारा प्रतिरक्षित किया जाएगा। केटीआर ने 'लाइफ साइंस हब' के रूप में तेलंगाना की क्षमता पर चर्चा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य जीवन विज्ञान उद्योग को सौ बिलियन डॉलर से अधिक की ऊंचाइयों पर ले जाना है। हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

एक साल में 3700 करोड़ के निवेश को किया आकर्षित 

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य और आर्थिक संकट के बाद भी तेलंगाना में जीवन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय ​वृद्धि हुई। इस क्षेत्र में पिछले एक साल में लगभग 14 हजार रोजगार क्षमता वाले 3700 करोड़ के निवेश को आकर्षित किया गया। जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए केटीआर ने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए अंबपी​लीसिव की मंजूरी ऐतिहासिक है। इसका कारण है कि यह भारत में खोजी गई पहली दवा है और यूएस एफडीए द्वारा अनुमोदित भी है।

केटीआर ने बायोफार्मा पर अपने विचार केंद्रित करते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार जीनोम वेली में बी-हब स्थापित करने के लिए सायतिवा के साथ साझेदारी कर रही है। उल्लेखनीय है कि विश्व स्तर पर बिकने वाली शीर्ष दस दवाओं में से आठ बायोफार्मास्यूटिकल हैं। यहां स्थापित होने वाली बी-हब तेलंगाना के साथ भारत को बायोफार्मास्यूटिकल के क्षेत्र में अपने पांव मजबूत करने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा।

बायोफार्मास्यूटिकल राजधानी के रूप में हैदराबाद बनाएगा अपनी पहचान

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हैदराबाद बायोफार्मास्यूटिकल राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। केटीआर ने अन्य विविध महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि फार्मा सिटी परियोजना को पूरी करने की दिशा में भी हमारी प्रतिबद्धता है। तेलंगाना सरकार अपने विविध प्रयासों द्वारा वैश्विक स्तर पर स्थायी औद्योगिक विकास में नए प्रतिमान स्थापित करेगी।

उन्होंने तेलंगाना सरकार की अन्य पहलों जैसे डिजिटल मेडिसिन हब, इंस्टीट्यूट फोर सेल एंड जीन ​थेरेपी, फ्लो कैमिस्ट्री हब तथा विश्वस्तरीय लाइफ साइंस यूनि​वर्सिटी आदि पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि संबंधित स्टार्टअप ​पारिस्थितिक तंत्र के बुनियादी विकास के लिए विविध स्तरों पर प्रयास किए जाएंगे।

बायो एशिया की इस वर्ष की थीम 'मूविंग द निडिल'

तेलंगाना सरकार के प्रधान सचिव जयेश रंजन ने कहा कि बायो एशिया की इस वर्ष की थीम 'मूविंग द निडिल' अपने आप में बहुत प्रासंगिक है। बीते दिनों उत्पन्न चुनौतीपूर्ण हालातों के चलते पूरी दुनिया जीवन विज्ञान की ओर आशान्वित है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाली परिचर्चाओं में निश्चित रूप से मानव जीवन की रक्षा से जुड़े कई पहलू सामने आएंगे।

इस मौके पर टीएसआईआईसी के चेयरमैन ई.वी. नरसिम्हा रेड्डी, बायोएशिया के सीईओ शक्ति् नागाप्पन, डॉ. रेड्डीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी, नोवार्तीज बिजनेस सर्विस इनोवेशन के ग्लोबल हेड नवीन गुलापली सहित संबंधित क्षेत्र से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद थे।

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