सिंगरेणी रामगुंडम ओपन कास्ट खदान में दुर्घटना की जांच हो : बंडी संजय

bandi sanjay demands inquiry open cast accident - Sakshi Samachar

 बंडी संजय ने सिंगरेणी रामगुंडम ओपन कास्ट खदान दुर्घटना का जांच की मांग की 

इस दुर्घटना की शिकायत केंद्रीय मंत्रियों से करेंगे 

हैदराबाद : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंडी संजय ने सिंगरेणी रामगुंडम ओपन कास्ट खदान की दुर्घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोयला खान सुरक्षा अधिकारियों के महानिदेशक तुरंत पूछताछ करके रिपोर्ट दें। उन्होंने मारे गए श्रमिकों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की।

बंडी संजय ने गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि निजी ओबी ठेकेदार अक्षय पात्र की भूमिका में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगरेणी में अधिकारियों ने कॉंन्ट्रैक्ट तो जारी कर दिया पर उनके द्वारा इसके काम की अनदेखी की गई।
कमीशन लेने पर ध्यान दिया जा रहा है और काम पर ध्यान नहीं दिया जा रहा इसीलिए इस तरह की दुर्घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सिंगरेणी में, सत्ताधारी पार्टी के नेता बेनामी के साथ अनुबंध कार्य कर रहे हैं। यह भी कहा कि सिंगरेणी दुर्घटना की शिकायत 
केंद्रीय मंत्री से करेंगे। उन्होंने मृतक के परिवार वालों को कंपनी में नौकरी देने की मांग भी की।

आपको बता दें कि  तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले के रामगुंडम सिंगरेणी ओपन कास्ट दुर्घटना में मारे गये पीड़ित परिजनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। पीड़ित परिजनों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को निलंबित करने और एपी के सीएम जगन की तरह एलजी पॉलीमर्स दुर्घटना में मारे गये परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग के समर्थन में धरने पर बैठ गये हैं। 

आपको बता दें कि विशाखापट्टणम एलजी पॉलीमर्स गैस लीकेज दुर्घटना में 12 लोगों की मौत हो चुकी थी और लगभग 400 लोग अस्वस्थ हो गये थे। सीएम ने उसी दिन विशाखापट्टणम का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती लोगों से मिलकर मिजाजपुर्सी की। इसके बाद मृतक परिजनों को एक-एक करोड़ और अस्वस्थ लोगों को भी लाखों रुपये मुआवजे की घोषणा की। अब तक किसी भी दुर्घटन में मारे गये परिजनों को देश में किसी भी सरकार ने इतनी बड़ी रकम मुआवजा के दिये जाने के उदाहरण नहीं है। 

सिंगरेणी दुर्घटना में मारे गये पीड़ित परिजन भी एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही परिजनों ने ऐलान किया कि जब तक हमारे साथ न्याय नहीं किया जाता तब तक अस्पताल मॉर्चुरी में रखे हुए शवों को दाह संस्कार के लिए नहीं लिया जाएगा। 

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