करीमनगर के 17 लोग भी गए थे तबलीगी जमात मरकज , जिले में मची खलबली

17 people from Karimnagar went to Markaj in Delhi tension in district - Sakshi Samachar

जिले में सोमवार को दो कोरोना पॉजिटिव पाए गए
जिले के 17 लोग गए थे दिल्ली के मरकज में 
एक बार फिर जिले में तनाव की स्थिति
 

करीमनगर :  दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में प्रार्थना करने से कोरोना वायरस काफी हद तक फैल गया। मरकज में भाग लेने वाले लोग वहां से अकेले नहीं गए बल्कि इस प्राणघातक बीमारी को भी अपने साथ ले गए।
इसी मरकज में भाग लेकर आए राज्य के छह लोगों की कोरोना वायरस से ही मौत हो चुकी है। दिल्ली के इस मरकज में तेलंगाना के 1030 लोगों ने भाग लिया जिनमें से करीमनगर जिले के 17 लोगों के होने का पता चला है। इनमें से तीन हुजूराबाद के हैं। ये सारे लोग मरकज में भाग लेने के बाद रेल की यात्रा कर अपने घर लौटे।

ट्रेन यात्रा के दौरान उनके साथ यात्रा करने वाले सैकड़ों लोगों में कोरोनो वायरस फैलने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। जिन लोगों ने मरकज में भाग लिया था अब वे कोरोना वायरस से पीड़ित है और जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

इस परिस्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन उन लोगों के नामों पर गौर कर रहा है जो करीमनगर से दिल्ली जाकर इस मरकज में शामिल हुए थे। 17 लोगों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है और उनका कोरोना परीक्षण किया जा रहा है।

अब तक किन लोगों के संपर्क में आए ये लोग

यहां सबसे बड़ी समस्या ये है कि ये लोग अब तक कितने लोगों के संपर्क में आए। जो लोग मरकज में जाकर आए हैं उनको आइसोलेट कर दिया गया और उनके परिवारों को उनके घर में ही क्वारंटाइन कर दिया गया। 

अब उनके करीबी रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों की तलाश शुरू कर दी गई है जिनके संपर्क में वे आए थे। दिल्ली के मरकज में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया था और इसमें बड़ी संख्या में लोग तेलंगाना से भी गए थे। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब छह लोगों की कोरोना से मौत हुई और ये छह लोग मरकज में भाग लेकर आए थे।  
स्थानीय लोग इस बात से चिंतित हैं कि पता नहीं इनके संपर्क में कितने आए होंगे और कितने लोगों तक संक्रमण फैल गया होगा।
तेलंगाना में पिछले दो दिनों से कोरोना संदिग्धों के तौर पर जिन्हें आइसोलेशन में भेजा गया उनमें वे ही है जो दिल्ली के मरकज से लौटे हैं, और इसी बात को लेकर लोग परेशान हैं। 

जिला प्रशासन तो पहले से ही सतर्क है और संदिग्धों को क्वारांटाइन में रख रहा है और जिनमें लक्षण दिख रहे हैं उन्हें तुरंत गांधी अस्पताल भेज रहा है।  इस बीच अधिकारियों ने घोषित किया है कि जो भी मरकज में जाकर आए लोगों के साथ या पास में रहे हैं वे तुरंत आकर अधिकारियों से संपर्क करें। इस तरह देखा जाए तो अदृश्य शत्रु से अधिकारियों के साथ ही लोगों का भी युद्ध चल रहा है।
 
सोमवार में करीमनगर में दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए और इस वजह से पूरे शहर में तनाव फैल गया। धार्मिक प्रचार के लिए करीमनगर जिले में इंडोनेशियाई नागरिकों के आनेनृ के साथ ही कोरोना की शुरुआत हुई।

करीमनगर में दो लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से और दिल्ली के मरकज में जिले के 17 लोगों के शामिल होने से ताजा परस्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री ईटेला राजेंदर और बीसी कल्याण और नागरिक संबंध मंत्री गंगुला कमलाकर ने अधिकारियों से बात की।
मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे पता लगाएं कि दिल्ली से आने वाले और उनके संपर्क में आने वाले कितने लोग 
है सबको क्वारांटाइन में रखा जाए और अगर लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए।

करीमनगर में कोरोना को लेकर प्रशासन सतर्क है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जी रही है। जिलाधीश के श्रीकांत, सीपी कमलासनरेड्डी, डीएमएचओ डॉ सुजाता परिस्थिति पर नजर बनाए हैं। 

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