केटीआर ने भाजपा से पूछे 50 सवाल, दिन में लोगों को तारे दिखा रही केंद्र सरकार

ktr counter on bjp chargesheet in ghmc elections 2020 - Sakshi Samachar

लॉकडाउन से पहले महीने पहले से ही जीडीपी गिरावट दर्ज

विशेष ट्रेन के नाम पर लोगों से लूटखसोट क्यों ?

 

हैदराबाद : जीएचएमसी चुनाव 2020 (GHMC Elections 2020) का प्रचार चरम है। हैदराबाद (Hyderabad)में जश्न सा माहौल बन रहा है। राजनीतिक दल मतदाताओं को दिन में लुभावने सपने दिखा रहे हैं। हर एक पार्टी अपनी-अपीन डफ़ली बजा रही है। चुनाव में सुबह से दोपहर तक और शाम से रात तक पार्टी प्रचार हो रहा है। कई लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार भी मिल रहा है। सरकार की योजनाएं चाहे सफलता से अमल में आये ना आये लेकिन कई लोगों को दोपहर खाना और रात में टिप्स की व्यवस्था कारगर रूप से अमल में आ रही है। 

अच्छी आय के बावजूद सरकारी संस्थाओं का निजीकरण क्यों?

सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस )TRS) के स्टार प्रचारकों का अभियान भी तेज हो गया है। जीएचएमसी चुनाव 2020 के लिए टीआरएस के पार्टी प्रचारक, पार्टीकार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री केटीआर (KTR) ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र पर आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार लोगों को दिन में तारे दिखाते आ रही है। अच्छे दिन अच्छे दिन कर दिन बीता दिये लेकिन अच्छे दिन आने का नाम नहीं ले रहे हैं। केंद्र ने वर्ष 2014 के चुनाव में कहा था वर्ष 2020 तक भारत विश्व में महाशक्ति बनकर उभरेगा लेकिन वर्ष 2020 बीतने में अभी 38 दिन शेष हैं लेकिन भारत (India) विश्व की महाशक्ति तो नहीं बना। देश की जीडीपी (GDP) में लगातार गिरावट दर्ज हुई। देश की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से डगमगा गई। 

आर्थिक व्यवस्था कमजोर करने की कूटनीति क्यों ?

केटीआर ने कहा कि कोरोना संक्रमण से कुछ महीने पहले से ही जीडीपी गिरावट दर्ज हुई थी। कोरोन संक्रमण के दौरान कई उद्योग प्रभावित हुए और लाखों लोग बेरोजगार हो गये। इस दौरान केंद्र ने लोगों का सहायता उपलब्ध कराने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। 

विश्व में रेलवे नेटवर्क 4थें नंबर पर होने के बावजूद निजीकरण क्यों ?

टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र ने आर्थिक व्यवस्था को और कमजोर बनाने की कूटनीति अपनाई है। हजारों करोड़ की आय देनेवाली सरकारी संस्थाओं को कौड़ियों के दामों पर निजी संस्थाओं को सौंपने की दिशा केंद्र कदम उठा रहा है। इस पर उन्होंने केंद्र से सवाल किया कि विश्व में चौथे नंबर पर मानी जानेवाले रेलवे नेटवर्क का निजीकरण करने की क्या आवश्यकता है। 

केटीआर ने जीएचएमसी चुनाव 2020 में केंद्र से लगभग 50 सवाल पूछे। इनमें बीमा कंपनी, लॉकडाउन, विशेष ट्रेन, पैकेज, कालाधन, बैंकों के खाताधारक, बीसी कल्याण, जीएसटी, किसान, पेट्रोलियम, नीति आयोग की सिफारिश, मिशन काकतिया, मिशन भागीरथ, आईआईएम और आइसर, ट्रिपल आईटी, रेलवे कोच  फैक्ट्री आदि पर सवाल केंद्र पर दागे। 

40 करोड़ पॉलिसी होल्डरवाली बीमा कंपनी का निजीकरण क्यों?

टीआरएस के स्टार प्रचारक ने पूछा कि 40 करोड़ पॉलिसी होल्डरवाली बीमा कंपनी के निजीकरण की क्या जरूरत है। 2 करोड़ रोजगार देने का आश्वासन देकर धोखाधड़ी क्यों की। लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान विशेष ट्रेन के नाम पर लोगों से लूटखसोट क्यों हुई। 20 लाख रुपये का पैकेज देने का आश्वासन क्यों दिया। विदेश से कालाधन वापस लाने की बात कहनेवालों ने कहां रखा काला धन। बैंक के खाताधारकों को लुभावना आश्वासन देकर मझधार में क्यों छोड़ा। बीसी कल्याण मंत्रालय के निर्देश के बावजूद कॉरपोरेशन का विकास क्यों नहीं किया। जिन राज्यों ने कर का हिस्सा मांगा उनसे अवसरवादी बनते हुए गठबंधन क्यों किया। 

इसे भी पढ़ें :

हैदराबाद ब्रांड किसी पार्टी या सरकार का नहीं है : KTR

नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद मिशन काकतिया और मिशन भगीरथ को निधि क्यों नहीं दी?

केटीआर ने सवाल पूछे कि केंद्र ने किसानों की आर्थिक कमर टूटनेवाला कानून क्यों बनाया। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में पेट्रोलियम के दरों (क्रूड ऑयल) गिरावट के बावजूद पेट्रोलियम के कीमतें क्यों बढ़ीं। विशेष कर में छूट देने का आश्वासन पूरा क्यों नहीं किया। उन्होंने दोहराया कि मिशन काकतिया और मिशन भागीरथ की नीति आयोग ने सिफारिश की लेकिन केंद्र ने फूटी कौडी भी नहीं दी। ऐसा क्यों किया। तेलंगाना शिक्षा क्षेत्र में विकास के मद्देनजर आईआईएम (IIM) और आइसर क्यों रद्द किया। करीमनगर (Karimanagar) में ट्रिपल आईटी की मंजूरी रद्द क्यों कर दी। काजीपेट (Kazipet) में रेलवे कोच बनने को लेकर केंद्र ने सहयोग क्यों नहीं दिया। जीएसटी की हिस्सेदारी में बकाया राशि का अब तक भूगतान नहीं किया गया। 

बीएचईएल जैसी रक्षा संस्थाओं का निजीकरण क्यों ?

स्टार प्रचारक केटीआर ने कहा कि नमामि गंगे की तर्ज पर मुसी नदी का शुद्धीकरण और आधुनिकीकरण क्यों नहीं किया गया। बीएचईएल (BHEL) और मिथानी जैसी रक्षा संस्थाओं का निजीकरण करने क्या नौबत आई। यातायात सुविधा के मद्देनजर स्काई वे बनाने के कार्य में कंटोनमेंट की जगह का कारण बताकर क्यों अड़चनें पैदा की गई।

Related Tweets
Advertisement
Back to Top