दुब्बाका उपचुनाव में प्रचार नहीं करेंगी कांग्रेस की फायर ब्रांड नेता, इसलिए पार्टी से हैं नाराज

Fire brand vijayashanthi turned away from campaigning in Dubbaka by election - Sakshi Samachar

पार्टी की ओर प्रचार करने में नहीं है दिलचस्पी

तेलंगाना संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका के बाद बनी थीं सांसद

केसीआर और विजयशांति के बीच हो गया था मतभेद

हैदराबाद : तेलंगाना में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दुब्बाका उपचुनाव के साथ जीएचएमसी और ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव होने जा रहे हैं। दुब्बाका चुनाव की नामांकन प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई। मतदान नजदीक आता जा रहा है। इसलिए उम्मीदवार जोरों पर प्रचार में लगे हुये हैं। 

कांग्रेस ने भी उपचुनाव के साथ अन्य दो स्थानों पर भी जीत हासिल करने के लिए कमर कस ली है। पीसीसी अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी, सांसद रेवंत रेड्डी के साथ अन्य मुख्य नेता उपचुनाव में प्रचार जोरों पर कर रहे हैं। इस बीच मेदक जिले में कांग्रेस की मुख्य नेता और फायर ब्रांड विजयशांति द्वारा प्रचार में भाग नहीं लेना, सभी को अचंभित कर रहा है। वह पार्टी की ओर प्रचार करने में किनारा कर रही है। यह राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना है।  

आपको बता दें कि विजयशांति ने वर्ष 2000 के चुनाव से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है। वर्ष 2009 के चुनाव में उन्होंने टीआरएस के टिकट पर सांसद का चुनाव लडा और जीत हासिल की। मेदक जिले के समस्याओं की आवाज दिल्ली के संसद में उठाई। उन्होंने तेलंगाना राज्य की स्थापना के लिए किये गये संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीआरएस के मुखिया और मुख्यमंत्री केसीआर और विजयशांति के बीच विचार मतभेद हुये, जिससे उन्होंने कार से उतर कर कांग्रेस का हाथ थामा। 

कांग्रेस में कार्य करने के दौरान उन्होंने एआईसीसी सचिव बनने की मंशा रखी लेकिन पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद विजयशांति ने गांधी भवन से मुंह फेरना शुरू किया। इस क्रम में विजयशांति ने दुब्बाका उपचुनाव से किनारा किया हुआ हैं।
 

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