इस स्टार खिलाड़ी की वजह से क्रिकेट छोड़ने वाले थे गब्बर, फिर ऐसे टीम इंडिया में हुआ चयन

Special Story On Shikhar Dhawan Birthday  - Sakshi Samachar

जब क्रिकेट छोड़ने वाले थे गब्बर 

गब्बर का ऐसे बढ़ा करियर

चैंपियंस ट्रॉफी से चमकी किस्मत

हैदराबाद : गब्बर के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। गब्बर और जट-जी के नाम से मशहूर बाएं हाथ का ये बल्लेबाज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ओपनर्स में गिना जाता है। 5 दिसंबर 1985 को दिल्ली में जन्मे शिखर धवन इन दिनों टीम इंडिया के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। धवन का करियर प्रदर्शन व चोटों से तो झूझता रहा लेकिन कुछ उतार-चढ़ाव ऐसे भी थे जो कम ही लोगों को पता हैं। 

शिखर धवन का बल्ला आईपीएल 2020 में तो खूब चला। टीम को ऐसे ऑस्ट्रेलिया में ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद है। अब तक वनडे और टी 20 मुकाबले में कुछ ज्यादा खास नहीं कर सके हैं। आईए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी खास बातें........  

जब क्रिकेट छोड़ने वाले थे गब्बर 

शिखर धवन आज क्रिकेट फैंस का जिस अंदाज में मनोरंजन करते हैं, शायद हम उनको वैसा करते ना देख पाते। दरअसल, धवन के कोच तारक सिन्हा ने कई साल पहले अपने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि एक समय ऐसा था जब दिल्ली क्रिकेट सर्किट में शिखर धवन एक चर्चित नाम बन चुके थे लेकिन उसके बावजूद ये खिलाड़ी क्रिकेट छोड़ने के बारे में सोचने लगा था। तब तक उनका अंतरराष्ट्रीय करियर नहीं शुरू हुआ था। 

यह खिलाड़ी बना था वजह

कोच तारक सिन्हा ने खुलासा किया था कि धवन क्रिकेट छोड़ने का मन इसलिए बनाने लगे थे क्योंकि वो काफी खीझ चुके थे और इसकी सबसे बड़ी वजह बने थे विराट कोहली। शिखर धवन को तब बड़ा झटका लगा था जब विराट कोहली को उनसे पहले राष्ट्रीय टीम के लिए बुलावा आ गया था। शिखर धवन विराट कोहली से सीनियर खिलाड़ी थे और इस बात ने उनके मन में तमाम सवाल पैदा कर दिए थे कि आखिर वो ऐसा क्या नहीं कर रहे कि उनके जूनियर खिलाड़ी का टीम इंडिया में चयन हो जाता है और उनका नहीं। धवन अपने कोच से सवाल पूछने लगे थे कि 'क्या मैं अच्छा नहीं हूं? मुझे क्यों नहीं चुना जाता?'।

गब्बर का ऐसे बढ़ा करियर

 धवन ने 2003-04 के अंडर-19 विश्व कप में अपना दम दिखाया और उसमें वो मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। इसके चलते उन्हें 2004 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आगाज करने का मौका मिल गया। वो अच्छा खेल रहे थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें अगले सात सालों तक नीली जर्सी में सजने का इंतजार करना पड़ा। साल 2010 में उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज हुआ लेकिन पहले कुछ मैच बेहद खराब रहे। असल मौका तब आया जब सहवाग और गंभीर की टेस्ट टीम से छुट्टी हुई और धवन ने टेस्ट डेब्यू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की पारी खेलकर दुनिया को अपना दम दिखा दिया।

चैंपियंस ट्रॉफी से चमकी किस्मत

साल 2013 में तब कमाल हुआ जब इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में धवन स्टार बने। उन्होंने उस टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाए और भारत ने पहली बार वो खिताब जीता। ये वही टूर्नामेंट था जिसने असमंजस की स्थिति खत्म करते हुए भारत को शिखर धवन और रोहित शर्मा के रूप में एक नई सलामी जोड़ी दी, जिसका जलवा आज भी जारी है और कई विश्व रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो चुके हैं। 

धवन भारत के लिए 139 वनडे खेल चुका है जिसमें 45.50 की औसत से 5808 रन बनाए हैं। इसमें 17 शतक और 27 अर्धशतक भी शामिल हैं। आपको यह बता दें कि वह एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज पांच हजार रन बनाने लेफ्ट हैंड बैट्समैन हैं। शिखर धवन ने 118 पारियां खेलकर पांच हजार का आंकड़ा छुआ। साथ ही वे 34 टेस्ट मैचों में 40.61 की औसत से 2315 रन बना चुके हैं। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 7 शतक और 5 अर्द्धशतक दर्ज है।

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