महेंद्र सिंह धोनी इन कारणों से दुनिया के अन्य कप्तानों से थे बिलकुल अलग

MS Dhoni Was Completely Different From Other Captains Of world  - Sakshi Samachar

कप्तानी करते हुए कूल रहते थे धोनी 

आईसीसी के तीनों इवेंट जीतने वाले अकेले कप्तान है धोनी

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। रांची में जन्मे एमएस धोनी को दुनिया के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक माना जाता है। उन्होंने साल 2007 से लेकर साल 2016 तक भारतीय टीम की कप्तानी की और धोनी ने अपनी कप्तानी से भारतीय टीम को कई शानदार यादगार जीत दिलाई। आज हम आप को धोनी के ऐसे पांच कारण बताएंगे। जिसके कारण महेंद्र सिंह धोनी को विश्व के अन्य कप्तानों से बल्कुल अलग है।  

जोखिम उठाने से नहीं डरते थे धोनी

एमएस धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी बात यह थी, कि वझ जोखिम उठाने से कभी नहीं डरते थे। उनके द्वारा टी-20 विश्व कप में उठाये गए जोखिम की वजह से ही भारत पहला टी-20 विश्व कप जीतने में सफल रहा था। पहले टी-20 विश्व कप के फाइनल मैच के अंतिम ओवर में धोनी ने जोखिम उठाकर जोगिंदर शर्मा से गेंदबाजी कराई, और शर्मा ने गेंदबाजी करते हुए टीम इंडिया को जीत दिला दी। उस दौरान हरभजन सिंह भी मौजूद थे लेकिन उनसे गेंदबाजी नहीं कराई।  उनके जोखिम भरे फैसलों ने कई बार टीम इंडिया को सफलता दिलाई थी, जबकि अन्य कप्तान क्रिकेट को सिंपल रखते हैं और जोखिम उठाने से घबराते हैं। 

कप्तानी करते हुए कूल रहते थे धोनी 

आपने दुनिया के कई कप्तानों को अपने खिलाड़ियों द्वारा की गई मिस फील्डिंग पर गुस्सा करते हुए देखा होगा, लेकिन धोनी एक ऐसे कप्तान रहे, जो मैदान पर हमेशा ही कूल नजर आते हैं। उन्हें फील्डरों पर गुस्सा करते हुए कम ही देखा गया है। वह मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में काफी शांत नजर आते थे, इसलिए उनका नाम भी ‘कैप्टन कूल’ पड़ गया था। 

धोनी का गजब प्रजेंस ऑफ माइंड

बताया जाता है कि महेंद्र सिंह धोनी का प्रजेंस ऑफ माइंड बहुत गजब का है। ऐसे प्रजेंस ऑफ माइंड दुनिया के अन्य कप्तानों में बहुत ही कम देखने को मिला है। कई बार उन्हें विकेट के पीछे प्रजेंस ऑफ माइंड का इस्तेमाल करते हुए देखा गया है। वह बिना देखे स्टंप में कई बार निशाना लगा देते हैं और कई बार ऐसी स्टंपिंग करते हैं। जिसे बल्लेबाज भी हैरान हो जाता है। जिसके कारण वह अन्य कप्तानों से हमेशा एक कदम आगे रहते हैं। 

कभी आलोचनाओं को हावी नहीं होने देते

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खास बात यह भी थी कि वह आलोचनाओं को अपने उपर कभी कभी हावी नहीं होने देते थे। धोनी की कप्तानी की कई बार आलोचना भी हुई है, लेकिन हमेशा ही वह अपनी कप्तानी को लेकर सकरात्मक रहे हैं और आगे बढ़कर उन्होंने टीम की अगुवाई की है। वहीं दूसरी तरफ अन्य कप्तान अपनी आलोचनाओं से परेशान होकर कप्तानी छोड़ देते थे, लेकिन धोनी की कई बार आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला नहीं किया। उन्होंने तब टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी, जब वह खुद कप्तान नहीं रहना चाहते थे। 

आईसीसी के तीनों इवेंट जीतने वाले अकेले कप्तान है धोनी

आपको यह बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी के तीनों बड़े इवेंट जीते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने साल 2007 का टी-20 विश्व कप जीता। साथ ही साल 2011 में वनडे विश्व कप जीता। इसके अलावा धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। धोनी दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान है, जिन्होंने आईसीसी के तीनों बड़े इवेंट जीते हैं। यह बात भी उन्हें अन्य कप्तानों से बिल्कुल अलग बनाती है। 

विराट कभी धोनी जैसे 'कैप्टन कूल' नहीं बन सकते

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का भी मानना है कि विराट कभी भी धोनी की तरह 'कैप्टन कूल' नहीं बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में विराट की कप्तानी में निखार आया है, लेकिन उनकी कप्तानी का तरीका एकदम अलग है। उन्होंने कहा, 'पहली बात कि विराट अपने मन की करने वाले इंसान हैं। यह सोचना बहुत आसान है कि मुझे महेंद्र सिंह धोनी की तरह करना है। मुझे धोनी जैसे शांत, ठंडे दिमाग वाले फिनिशर की तरह बनना है। लेकिन विराट कोहली कभी कैप्टन कूल नहीं बन सकते।' उन्होंने कहा, 'मुझे उनकी टीम के खिलाड़ियों के लिए चिंता होती है। वो जीत को लेकर बेहद जुनूनी हैं। इसलिए अगर आप सीमित ओवरों के क्रिकेट में मुझसे रनों का पीछा करने के मामले में किसी एक खिलाड़ी का नाम लेने को कहें तो मैं कोहली का नाम लूंगा। उनकी निगाहें जीत के लक्ष्य पर होती है और उस पर पूरा ध्यान बनाए रखते हैं।'

Advertisement
Back to Top