शानदार एक्टर ही नहीं लोकप्रिय राजनेता भी थे NTR, पौराणिक फिल्मों में कई बार निभाया कृष्ण का रोल

NTR versatile actor and politician remembered on death anniversary - Sakshi Samachar

एनटी रामाराव की पुण्यतिथि 

शानदार एक्टर थे एनटीआर

राजनीति में भी बनाए कीर्तिमान 

जब भी तेलुगु फिल्मों (Telugu films) के पुराने एक्टरों को याद किया जाता है तो सबसे पहले जो छवि आंखों के सामने होती है वह एनटीआर (NTR) की होती है। एनटीआर जिनका पूरा नाम नंदमूरि तारकरामाराव था पर लोग उन्हें एनटीआर के नाम से ही जानते हैं। एनटीआर ऐसे एक्टर थे जो हर रोल को पर्दे पर जीवित कर देते थे फिर वह रोल भगवान को हो या फिर आम इंसान का। एनटीआर का जन्म 28 मई 1923 को मद्रास प्रेसीडेंसी के कृष्णा जिले के गुड़िवाड़ा मंडल के एक छोटे से ग्राम निम्माकुरु में हुआ था। 

एनटीआर के अभिनय की खास बात थी उनकी भावभंगिमा, जब वे डायलॉग बोलते तो जैसे उनका चेहरा ,आंखें सब उनका साथ देते और उनकी बॉडी लैंग्वेज भी गजब की होती थी। एनटीआर पौराणिक किरदार को जितने अच्छे से निभाते उतने ही बेहतर तरीके से रोमांटिक रोल भी करते और नाचते-गाते भी थे। इसके बाद जब एनटीआर ने फिल्मों में अभिनय करना छोड़ा और राजनीति में प्रवेश किया तब भी उनकी यही लोकप्रियता काम आई और उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की और अपनी जीत के परचम लहराकर मुख्यमंत्री बन गए और उनका राजनीतिक सफर भी शानदार रहा। 

आज दिवंगत नंदमूरि तारक रामाराव (एनटीआर) की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर डालते हैं एनटीआर के जीवन व राजनीतिक व फिल्मी सफर पर एक नजर ....

शानदार अभिनय की मिसाल थे एनटीआर

एनटीआर ने कई हिन्दू देवताओं जैसे कृष्ण और राम के रोल को पर्दे पर जीवंत किया था। उनके यह रोल आज भी दर्शकों द्वारा पसंद किये जाते हैं। उन्होंने लगभग 250 से ज्यादा तेलुगु फिल्मों में काम किया और इसी वजह से वे  तेलुगु फिल्मों के इतिहास में सबसे लोकप्रिय अभिनताओं में से एक माने जाते हैं। तेलुगु के अलावा उन्होंने तमिल और हिंदी फिल्मों में भी अभिनय किया। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें सन 1968 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।

ऐसा रहा राजनीतिक सफर 

फिल्मी अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रह चुके एनटीआर ने कांग्रेस के आधिपत्य दूर करने के लिए वर्ष 1982 में तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की। एनटी रामा राव ने जब राजनीतिक पारी की शुरूआत की उस समय वे एक लोकप्रिय अभिनेता थे। पार्टी स्थापना के केवल नौ महीने में ही वे चुनाव जीत गये।

साल 1983 में सर्वसम्मति से एनटीआर तेलुगु देशम विधायक दल के नेता चुने गये। इस प्रकार पहली बार आंध्र प्रदेश में गैर कांग्रेसी सरकार बनी। साल 1983 से 1995 के बीच एनटीआर तीन बार इस पद के लिए चुने गये थे। 


मिले कई पुरस्कार

एनटी रामाराव ने फिल्मों में पटकथा लेखन भी किया। उन्होंने फिल्म निर्माता के तौर पर कई फिल्में भी बनाई और राजनीति में प्रवेश के बाद भी फिल्मों में कार्य करते रहे। उनकी प्रतिभा और फिल्म जगत में योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनके नाम पर एनटीआर नेशनल अवॉर्ड भी दिया जाता है।

लोकप्रिय अभिनेता ही नहीं नेता भी थे एनटीआर

एनटी रामाराव इतने लोकप्रिय थे कि इन्दिरा गांधी की हत्या के बाद जब पूरे देश में कांग्रेस की लहर थी। मगर आंध्र-प्रदेश में कांग्रेस नहीं जीत पाई। इतना ही नहीं तेलुगु देशम को लोकसभा में मुख्य विपक्षी दल भी बन गया। साल 1989 के चुनाव में विरोधी लहर के कारण तेलुगु देशम पार्टी चुनाव हार गयी और कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में वापस आ गयी। साल 1994 में रामाराव दोबारा सत्ता में लौटे। तेलुगु देशम पार्टी की 226 सीटों पर विजय हुई। इस बार एनटी रामाराव महज 9 महीने के लिए ही मुख्यमंत्री पद रह पाए। क्योंकि उनके दामाद चंद्रबाबू नायुडू ने एक षड्यंत्र के तहत रामाराव को पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद से हटा दिया। इस सदमें से एनटीआर कभी उबर नहीं पाये।

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व्यक्तिगत जीवन

एनटी रामा राव ने साल 1942 में अपने मामा की बेटी बासव तारकम से विवाह किया। रामाराव और तारकम को आठ बेटे और चार बेटियां संतान थीं। उनकी पत्नी बासव तारकम का साल 1985 में निधन हो गया। साल 1993 में रामाराव ने अपने सत्तर साल की आयु में तेलुगु लेखिका लक्ष्मी पार्वती से पुनः विवाह किया। मगर एनटीआर परिवार वालों ने लक्ष्मी पार्वती को कभी भी स्वीकार नहीं किया।
 

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