रजनीकांत ने आखिर मान ही ली अपने 'जिगरी यार' अमिताभ की बात, एंट्री से पहले ही की राजनीति से संन्यास की घोषणा

Rajinikanth announcement of retirement from politics is as 'walk over' for Kamal Haasan - Sakshi Samachar

आखिर रजनीकांत ने मान ही ली ​अमिताभ की सलाह

कमल हासन और रजनीकांत की पार्टी में होती टक्कर

राजनीति में हासन से टक्कर लेने वाला अब कोई नहीं

हैदराबाद: पिछले पांच दिनों से 'सुपरस्टार' रजनीकांत (Rajinikanth) की तबीयत के ठीक होने की दुआ करते हुए जहां लोग एक ओर बेहाल हो रहे थे, वहीं दूसरी ओर अपने 'थलाइवा' रजनीकांत की नई राजनीतिक पारी का इंतजार कर रहे उनके प्रशंसकों की भी सांसें थमी हुई थीं। इस पर रजनीकांत का राजनीतिक पारी शुरू करने से पहले ही उससे संन्यास ले लेने की घोषणा ने फिल्मी दुनिया से लेकर राजनीतिक पटल तक तरह-तरह की चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है।

बता दें कि सुपरस्टार रजनीकांत ने राजनीति शुरू करने से पहले संन्यास की घोषणा कर दी। रजनीकांत ने एक ट्वीट के जरिए इस बात की घोषणा की है कि वह कोई राजनीतिक पार्टी (Political Party) नहीं बनाने जा रहे हैं। उनकी तबीयत इस काबिल नहीं है कि वह राजनीति में उतर सकें। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत खराब होना भगवान का संदेश है कि मुझे 'बलि का बकरा' नहीं बनना चाहिए। साथ ही, राजनीति में उतरने का अपना फैसला वापस ले लेना चाहिए।

राजनीति में एंट्री की घोषणा से कुछ खुश थे तो कुछ चिंतित

गौरतलब है कि नवंबर माह में रजनीकांत ने यह ऐलान किया था कि बहुत जल्द वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे और इस नई पारी को खेलने के उद्देश्य से मैदान में उतरेंगे। उनकी इस घोषणा से उनके प्रशंसकों में से कुछ बेहद खुश थे जबकि कुछ अन्य चिंतित। ऐसे प्रशंसकों की चिंता का कारण यह था कि उम्र के 70वें साल में रजनीकांत का राजनीति में उतरने का फैसला क्या वाकई सही कहा जा सकता है? क्या इस उम्र में अपनी इस पारी को वह अच्छी तरह से खेल पाएंगे!

इसमें कोई संदेह नहीं कि साउथ में रजनीकांत को 'भगवान' की तरह माना और पूजा जाता है। ऐसे में लोगों का उनका राजनीति में उतरना कुछ परेशान करने वाला भी था। हालांकि, कुछ हद तक उन्हें इस बात की खुशी भी हो रही थी कि उनके 'थलाइवा' का राजनीति में आना शायद उन सभी की जिंदगी में खुशहाली के रंग बिखेरने वाला हो!

आखिर रजनीकांत ने मान ही ली ​अमिताभ की सलाह

वहीं, रजनीकांत के राजनीति में आने के ऐलान के बाद मीडिया में यह चर्चा भी होने लगी थी कि अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने 'जिगरी यार' रजनीकांत को तीन नसीहतें दी थीं, जिनमें से एक कभी भी राजनीति में आने का फैसला न करने की नसीहत भी एक थी। खुद रजनीकांत ने एक इंटरव्यू के दौरान यह माना था कि लंबे समय तक मैंने ​अमिताभ की तीनों बातें मानी लेकिन अब शायद मैं बिग बी की यह बात न मान पाऊं।

हालांकि आज रजनीकांत के ट्वीट ने यह साबित कर लिया कि बिगड़ी तबीयत के कारण ही सही, पर आखिरकार रजनीकांत ने अमिताभ की तीसरी बात भी मान ली है। अब वह राजनीति में कभी नहीं आएंगे क्योंकि अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने से पहले ही रजनीकांत ने राजनीति से संन्यास ले लिया है।

कमल हासन और रजनीकांत की पार्टी में होती टक्कर

वहीं, एंट्री से पहले ही राजनीति से संन्यास के रजनीकांत के ऐलान को कमल हासन के लिए 'वॉक ओवर' जैसा माना जाने लगा है। बता दें कि साउथ फिल्मों में रजनीकांत की तरह ही अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके कमल हासन भी इन दिनों राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश में लगे हुए हैं। रजनीकांत से पहले ही हासन अपनी इस नई पारी की शुरुआत भी कर चुके हैं। उन्होंने नई पार्टी की घोषणा भी कर दी है और राजनीतिक धरातल पर उतर भी चुके हैं।

राजनीति में कमल हासन से टक्कर लेने वाला अब कोई भी नहीं

रजनीकांत के राजनीति में उतरने के ऐलान के बाद से यह माना जा रहा था कि रजनीकांत और कमल हासन की टक्कर राजनीति की दुनिया में भी दिलचस्प होगी। हालांकि एंट्री से पहले ही राजनीति से अचानक संन्यास के 'थलाइवा' के ऐलान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में कमल हासन से टक्कर लेने वाला अब कोई भी नहीं होगा। ऐसे में उनकी जीत की उम्मीद बिल्कुल उसी तरह से की जा रही है, जिस तरह से क्रिकेट की दुनिया में 'वॉक ओवर' के दौरान होता है।

तमिलनाडु में कमल हासन की पार्टी की जीत अब लगभग तय

बता दें कि क्रिकेट की दुनिया में 'वॉक ओवर' का मतलब है, खेल से पहले ही किसी एक पार्टी की जीत की घोषणा। दरअसल, ऐसा तब कहा जाता है जब किसी के सामने कंपीट करने वाला दूसरा कोई नहीं होता। यानी 'वॉक ओवर' का अर्थ है, खेल के मैदान में उतरने से पहले ही खिलाड़ी की जीत ​घोषित हो जाना। रजनीकांत के संन्यास की घोषणा के बाद तमिलनाडु पॉलिटिक्स में कमल हासन के लिए यह 'वॉक ओवर' जैसा ही माना जा रहा है। यानी हो सकता है कि तमिलनाडु चुनाव में इस बार हासन एक बेहतरीन पारी खेलेंगे।

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