रेप और हत्या से Disha को बचा सकती थी बहन? जानिए लोगों की प्रतिक्रिया

Disha rape and murder case reaction on her last call to sister - Sakshi Samachar

दिशा रेप हत्याकांड पर लोगों की प्रतिक्रिया 

दिशा ने आखिरी कॉल में बहन से क्या कहा था?

क्या बहन की कोताही के चलते दिशा की जान गई?

हैदराबाद: 27 नवंबर 2019 को हैदराबाद (Hyderabad) के बहुचर्चित रेप और मर्डर (Rape and murder) मामले के साल भर पूरे होने वाले हैं। बता दें कि पशु चिकित्सक दिशा रेड्डी (Disha Reddy) की हैदराबाद के बाहरी इलाके शादनगर (Shadnagar) में कुछ बदमाशों ने बलात्कार के बाद हत्या कर दी थी। इसके बाद मासूम को जिंदा हालत में ही फूंक दिया गया था। घटना के बाद लोगों का आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की। सजा दिलाने की प्रक्रिया में ही कस्टडी से कथित तौर पर भागते सभी 4 आरोपियों को पुलिस गोली का शिकार होना पड़ा और वे मारे गए। खैर, घटनाक्रम जो भी रहा हो। हम दिशा के आखिरी कॉल (Disha last call) पर यहां चर्चा कर रहे हैं,  जो उन्होंने अपनी बहन को किए थे। 

घटना से ठीक कुछ देर पहले दिशा रेड्डी ने करीब 10 बजे अपनी बहन को फोन किया था। आप ऑडियो में दिशा की थरथराती आवाज को ध्यान से सुनिए, आखिरी में वे बार बार बोल रही हैं - 'चाला भयम होइतुंदी'। तेलुगू के इन लफ्जों का मतलब है कि मुझे बहुत अधिक डर लग रहा है। दिशा का ये आखिरी कॉल हमारे परिवार और बहू बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़ी सीख है। अगर इसी तरह का कोई कॉल आप किसी महिला परिचित की तरफ से रिसीव करते हैं, तो आपकी क्या भूमिका होगी? दिशा और उनकी बहन के बीच बातचीत पर हजारों की संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। इन्हीं रिएक्शन्स के आधार पर हम आपको बताते हैं कि अगर कोई महिला मुसीबत में हों, और आपको कॉल करें तो आपकी पहली प्रतिक्रिया और ऐक्शन क्या होना चाहिए? 

दिशा और उनकी बहन के बीच पूरी बातचीत

दिशा अपनी बहन को बताती है कि उनका स्कूटर खराब हो चुका है, कुछ लोग मदद करने के बहाने स्कूटर बनवाने ले गए हैं। इन्हीं में से उनके कुछ लोग उन्हें लगातार घूर रहे हैं। दिशा बातचीत के क्रम में दो बार कहती हैं कि ये लोग भूत की तरह उन्हें घूर जा रहे हैं। साथ ही कई बार वो दोहराती हैं कि उन्हें डर लग रहा है। दिशा बहन से गुजारिश करती हैं कि वो कुछ देर फोन पर बनी रहें। ताकि उनका डर कम हो सके और घूरने वाले को भी अहसास हो जाय कि वो किसी के संपर्क में हैं। 

दिशा के आखिरी कॉल पर बहन की कैसी प्रतिक्रिया

दिशा रेड्डी ने अपनी सबसे करीबी बहन को असुरक्षा की स्थिति में कॉल किया था। दिशा की आवाज में घबराहट साफ झलक रही थी। जबकि इसके उलट उनकी बहन संयत भाव से उन्हें सलाह दे रही थीं। दिशा को बहन ने कई बार कहा कि वो धीमे कदमों से बढ़ती हुई टोल प्लाजा की तरफ चली जाएं। दिशा के ये शिकायत करने पर कि कुछ लोग मुझे भूत की तरह घूर रहे हैं। बहन ने बेपरवाह अंदाज में कहा ...देखने दो क्या होता है...दिशा की बहन ने जिस तरह से कॉल अटेंड किया था उस पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। 

दिशा के आखिरी कॉल पर लोगों की प्रतिक्रिया 

दिशा के आखिरी कॉल पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। हम इन्हीं रिएक्शन्स के जरिए जानने की कोशिश करते हैं कि ऐसी परिस्थिति में एक इंसान को किस तरह की त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। पूरी बातचीत पर श्रीजित ने बहन पर आरोप लगाया कि उनका रिएक्शन बेहद कैजुअल था। अगर बहन देर रात मुसीबत में हो और परेशान होकर कॉल कर रही हों तो तत्काल मदद के लिए रवाना होना था। 

श्रीजित की बात का समर्थन करते हुए अनिन्दिता रॉय चौधरी सिस्टर को सुस्त बताती हैं। साक्षी समाचार यूट्यूब चैनल पर बातचीत की रिकॉर्डिंग बड़ी तादाद में लोगों ने देखी और सुनी। पूरी बात सुनते हुए कइयों ने तो बहन को ही बुरा भला कहा। 

अब आगे की प्रतिक्रिया लेते हैं। बोहेमियन बेहद भावुक होते हुए लिखती हैं कि घटना ने उन्हें रुला दिया, वो सलाह देती हैं कि प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिए। वहीं प्रिया लिखती हैं कि बातचीत सुनकर लगता है कि दिशा बेहद डरी हुई थीं। प्रिया महिलाओं को सलाह देती हैं कि अगर आपको आभास हो कि आप सुरक्षित नहीं हैं तो इंतजार कतई नहीं करें। 

चंद्रिमा शील उल्टे दिशा को ही सीख देती नजर आती हैं कि उन्हें बहन की सलाह पर टोल प्लाजा की तरफ बढ़ जाना चाहिए। अगर बातचीत पर गौर करें तो इस बारे में दिशा अपनी असमर्थता जताती हैं कि बदमाश उन्हें भूत की तरह घूरे जा रहे हैं। हो सकता है दिशा को लगा हो कि अगर वो बढ़ने की कोशिश करें तो उनपर हमला हो सकता है। चंद्रिमा ने भी बहन पर सुस्त होने का आरोप लगाया और लिखा कि शायद दिशा की बहन वक्त की नजाकत को नहीं भांप सकीं। गोपाल सिंह आरोप लगाते हैं कि क्यों दिशा की बहन ने तत्काल पुलिस की मदद नहीं ली? दिशा की बहन के मुताबिक उसने पुलिस से तत्काल संपर्क किया था, जिसके बाद पैट्रोल वैन निकली लेकिन दिशा का पता नहीं लगा सकी। जहां तक अभिभावक या पिता को कॉल करने की बात है तो घटना वाले दिन दिशा के पापा शहर से बाहर थे। जबकि परिवार में उनके कोई भाई नहीं है। 

कुल मिलाकर देखा जाय तो घटना के लिए किसी भी सूरत में दिशा की बहन को जिम्मेदार ठहराना जायज नहीं है। कई बार हम घटना की गंभीरता को समझ नहीं पाते। लगता है मामूली बात है, सामने वाला समझदार है और सबकुछ संभल जाएगा। जबकि कई मौकों पर ऐसा नहीं होता है। खासकर महिला सुरक्षा को लेकर तो हमें कतई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। इस बारे में ब्रजेंद्र चौहान ने सबसे समझदार राय दी है, उनके मुताबिक दोषारोपण की बजाय हमें घटना से सीख लेनी चाहिए। समाज में घूम रहे हैवानों को सबक सिखाना ज्यादा जरूरी है बजाय घटना होने के बाद लकीर पीटने से। ब्रजेंद्र ने लोगों को सलाह दी कि बहन पर दोष देने से बचें। 

 

हैदराबाद में घटी दिशा रेप और हत्या की जघन्य वारदात ने न सिर्फ समाज बल्कि सरकारों और पुलिस को भी बड़ी सीख दी है। महिलाओं के लिए रात के अंधेरे में घर से निकलना वर्जित नहीं है। हां, अगर निकलना हो तो जरूरी सावधानी अपनाना सही है। दिशा हत्याकांड के बाद महिलाएं अब 'पेपर स्प्रे' जैसे हथियार लेकर निकलती हैं। यहां तक कि हैदराबाद मेट्रो तक में महिलाओं को सुरक्षा के लिए पेपर स्प्रे ले जाने की इजाजत दी गई है। मुश्किल परिस्थिति में तत्काल पुलिस को कॉल करना जरूरी होता है। अगर आप असुरक्षा भांप रही हैं, तो कुछ गलत घटित होने का इंतजार न करें, बल्कि तत्काल कदम उठाएं। देश की तमाम पुलिस के लिए सीख है कि असुरक्षित महिला की मदद में कतई कोताही न करें और न ही समय गंवाएं। कुल मिलाकर दिशा रेप और हत्याकांड ने हमें आगे सजग रहना सिखाया है। 

Advertisement
Back to Top