भारत-चीन विवाद के बीच रूसी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कहा- अमेरिका नीत पश्चिमी देश हैं वजह

Russia accuses US-led Western countries of weakening its relations with India - Sakshi Samachar

2017 में ‘क्वाड' कोे दी मंजूरी

‘रशियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल' की बैठक

मास्को : रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने अमेरिका नीत पश्चिमी देशों पर भारत (India) के साथ रूस (Russia) की करीबी साझेदारी और विशेष संबंधों को कमजोर करने की कोशिश में शामिल रहने का आरोप लगाया है। सरकार संचालित थिंक टैंक ‘रशियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल' की एक बैठक को वीडियो लिंक के जरिए मंगलवार को संबोधित करते हुए लावरोव ने ये कहा।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश (West Countries) एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बहाल करना चाहते हैं, जिसमें सभी देश होंगे लेकिन रूस और चीन (China) से वे बाद में निपटेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने उन्हें उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘रूस और चीन जैसे ध्रुवों के इसके अधीन होने की संभावना नहीं। हालांकि, भारत अभी पश्चिमी देशों की निरंतर, आक्रामक और कुटिल नीति की एक वस्तु है क्योंकि वे इसे हिंद-प्रशांत रणनीतियों, तथाकथित ‘क्वाड' को बढ़ावा देकर चीन विरोधी खेल में शामिल करना चाहते हैं।'' 

2017 में ‘क्वाड' को मंजूरी दी

अमेरिका, जापान, भारत और आस्ट्रेलिया ने 2017 में ‘क्वाड' के काफी समय से लंबित प्रस्ताव को मूर्त रूप दिया था। ये चतुष्कोणीय गठबंधन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक व्यवहार का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि क्वाड कोई गठबंधन नहीं है बल्कि ऐसे देशों का समूह है जो साझा हितों एवं मूल्यों से संचालित होते हैं तथा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने में रूचि रखते हैं। 

'भारत से रिश्ते कमजोर करने की साजिश'

लावरोव ने कहा, ‘‘इस वक्त पश्चिमी देश भारत के साथ हमारी करीबी साझेदारी और विशेष संबंधों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका का लक्ष्य सैन्य एवं तकनीकी सहयोग (रूस के साथ) के क्षेत्र में नयी दिल्ली पर बहुत सख्त दबाव बनाने का है। '' 

उन्होंने कहा कि 2018 में भारत और रूस ने ये घोषणा की थी कि उन्होंने अपनी रणनीतिक साझेदारी को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के मुकाम पर पहुंचाया है। अक्टूबर 2018 में भारत ने एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयां खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर का एक सौदा किया था। भारत ने अमेरिकी प्रतिबंध लगाये जा सकने की ट्रंप प्रशासन की चेतावनी की परवाह नहीं करते हुए इस पर कदम बढ़ाया था। 

लावरोव ने कहा कि एक बहुध्रवीय विश्व व्यवस्था के गठन की कोशिशों को खारिज करते हुए अमेरिका नीत पश्चिमी देशों ने एक खेल शुरू कर दिया है।

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