अभी खत्म नहीं हुआ है गहलोत सरकार पर खतरा, पलट सकती है कभी भी बाजी

Rajasthan CM Ashok Gehlot Government Crisis Not End - Sakshi Samachar

अशोक गहलोत ने किया 102 विधायकों के समर्थन का दावा

कांग्रेस के पास इस वक्त बहुमत से सिर्फ तीन विधायक ही हैं ज्यादा

सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें हुई तेज, कई बड़े नेताओं ने किया संपर्क

जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने साथ 100 से ज्यादा विधायकों की संख्या दिखाकर यह तो साबित कर दिया कि उनकी सरकार पर कोई खतरा नहीं है, लेकिन क्या मुसीबत टल गयी है, इस पर संदेह जताया जा रहा है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बगावती तेवर और लगातार यह दावा करना कि उनके साथ 24 विधायक हैं, कांग्रेस की मुसीबत बढ़ा सकती है।

राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया और सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी के नेतृत्व में आस्था जताई। मुख्यमंत्री गहलोत के सरकारी निवास पर विधायक दल की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में कांग्रेस तथा उसके समर्थक निर्दलीय एवं अन्य विधायक मौजूद थे। 

पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि कुल मिलाकर 106 विधायक इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री तथा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा बागी तेवर अपना लिए जाने के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण बैठक थी जिसमें विधायकों ने सरकार विरोधी व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की चाहे वे पदाधिकारी हों या विधायक दल के सदस्य। 

सचिन पायलट और उनके करीबी नहीं हुए शामिल

उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट व उनके करीबी माने जाने वाले विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए। प्रस्ताव में कहा गया है, 'कांग्रेस विधायक दल पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आस्था व भरोसा व्यक्त करता है। यह बैठक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में सर्वसम्मति से समर्थन व्यक्त करती है।' 

अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी

इसके साथ ही इस प्रस्ताव में कांग्रेस पार्टी व राज्य में कांग्रेस सरकार को कमजोर करने वाले सभी अलोकतांत्रिक तत्वों की निंदा करते हुए कहा गया है कि अगर कोई पार्टी पदाधिकारी या विधायक इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक के बाद विधायकों को बसों से दिल्ली रोड पर एक निजी होटल में ले जाया गया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा संकट के निपटने तक संभवत: ये विधायक वहीं रुकेंगे।

18 विधायक बैठक से गायब

विधायक दल की बैठक से सचिन पायलट और उनके समर्थक 18 विधायक बैठक से गायब थे। हालांकि दावा किया गया था कि सचिन पायलट के संपर्क में करीब दो दर्जन से ज्यादा विधायक हैं। आने वाले दिनों में हो सकता है कुछ निर्दलीय विधायक या फिर कांग्रेस के अन्य विधायक सचिन पायलट के साथ आ जाएं। 

सरकार से अभी टला नहीं है खतरा

गहलोत खेमे ने 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन दिखाकर सरकार बचाने का दावा कर दिया है। दूसरी तरफ डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी अपने पास दो दर्जन से ज्यादा विधायक होने की बात कर रहे हैं। ऐसे में ये भी माना जा रहा है कि फिलहाल गहलोत सरकार का संकट टल जरूर गया है, लेकिन शायद खत्म नहीं हुआ है।

क्या कहते हैं आंकड़े

राजस्थान की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा गठबंधन के पास 75 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस गठबंधन के पास 125 विधायक हैं। कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस के 101, राष्ट्रीय लोक दल का 1, माकपा के 2, बीटीपी के 2 और 13 निर्दलीय शामिल हैं। आज की बैठक में अशोक गहलोत ने 102 विधायकों का अपने साथ होने का दावा किया है। जबकि बहुमत के लिए 99 विधायक होने चाहिए। ऐसे में गहलोत सरकार बहुमत से सिर्फ तीन विधायक ही ज्यादा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अगर सचिन पायलट नहीं माने और कुछ विधायकों ने उनके प्रति अपनी आस्था दिखाई तो गहलोत सरकार जरूर मुश्किल में पड़ सकती है।

पायलट के संपर्क में राहुल और प्रियंका, मनाने की कोशिशें तेज

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खुलकर बगावत कर चुके उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें की जा रही हैं और इसी क्रम में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उनके संपर्क में हैं। पायलट ने रविवार को गहलोत के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल लिया था और दावा किया था कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन है और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ चुकी है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पायलट से बात की है और उनसे कहा है कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत नहीं करें। उन्हें उनकी चिंताओं को दूर करने का विश्वास भी दिलाया गया है। 

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पायलट से बात की है। इसके साथ ही अहमद पटेल, पी चिदंबरम और केसी वेणुगोपाल ने भी उनसे संपर्क किया है। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत में सचिन पायलट ने जो भी मुद्दे रखे हैं, उनके निराकरण का विश्वास दिलाया गया है।

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