विधान परिषद चुनाव : यूपी-महाराष्ट्र की राजनीति के लिए क्यों खास है ये चुनाव

MLC Elections in Uttar Pradesh And Maharashtra - Sakshi Samachar

उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों के लिए वोटिंग

महाराष्ट्र में उद्धव सरकार लड़ रही है पहला MLC चुनाव

नई दिल्ली: देश के दो बड़े राज्यों में आज यानि मंगलवार को विधान परिषद चुनावों के लिए वोटिंग का दिन है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव है। वहीं महाराष्ट्र (Maharashtra) के विधान परिषद में 5 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। उत्तर प्रदेश में जहां बीजेपी (BJP) को अपनी साख बचानी है। वहीं महाराष्ट्र में सरकार बनने के बाद सत्ताधारी दल महाविकास अघाड़ी दल का ये पहला चुनाव है। ऐसे में पार्टियों के बीच जीत के लिए कड़ा मुकाबला हो रहा है।

उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए आज वोटिंग है। सूबे की छह शिक्षक और पांच स्नातक कोटे की एमएलसी सीट के लिए बीजेपी, सपा, कांग्रेस और शिक्षक संघों के अलावा निर्दलीय समेत कुल 199 उम्‍मीदवार मैदान में हैं।

बीजेपी के लिए अहम है यूपी चुनाव 

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए ये चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि वो विधान परिषद में भी संख्या बल बढ़ाना चाहती है। यही वजह है कि बीजेपी ने स्नातक निर्वाचन खंड की सभी पांच सीटों से और शिक्षक निर्वाचन खंड की छह में से चार सीटों पर सीधे तौर पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।

स्नातक निर्वाचन खंड की एक सीट पर बीजेपी ने शिक्षक संघ के प्रत्याशी को समर्थन दिया है तो एक अन्य सीट को छोड़ दिया है। बीजेपी, जिसने वास्तव में अब तक शिक्षकों के चुनावों में सक्रिय रूप से चुनाव नहीं लड़ा था, ने पहली बार इन सीटों पर उम्मीदवारों को सपोर्ट करने का फैसला किया। वहीं, सपा ने तो सभी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके चलते दोनों दलों के शिक्षक संगठनों के प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

बीजेपी ने उतारे उम्मीदवार
बीजेपी से स्नातक कोटे की सीटों पर लखनऊ से अवनीश सिंह पटेल, वाराणसी से केदारनाथ सिंह, आगरा से मानवेंद्र सिंह, मेरठ से दिनेश गोयल और इलाहाबाद झांसी से डॉ. यज्ञदत्त शर्मा मैदान में हैं। वहीं, शिक्षक कोटे के लिए बीजेपी की ओर से लखनऊ से उमेश द्विवेदी, आगरा से दिनेश वशिष्ठ, मेरठ से शिरीषचंद्र शर्मा और बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लो प्रत्याशी हैं। वहीं वाराणसी सीट पर चेतनारायण सिंह और गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर अजय सिंह को पार्टी ने समर्थन दिया है। 

सपा की साख दांव पर लगी
सपा ने मौजूदा एमएलसी संजय मिश्र और असीम यादव को फिर से मैदान में उतारा है। इसके अलावा बाकी सीटों पर भी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार उतारे गए हैं। स्नातक कोटे में लखनऊ खंड से राम सिंह राणा, आगरा खंड से डॉक्टर असीम, मेरठ से शमशाद अली, वाराणसी से आशुतोष सिन्हा और इलाहाबाद-झांसी खंड से डॉक्टर मान सिंह मैदान में हैं।

वहीं, शिक्षक कोटे की सीट के लिए लखनऊ से उमाशंकर चौधरी पटेल, वाराणसी से लाल बिहारी, बरेली-मुरादाबाद खंड से संजय कुमार मिश्रा, मेरठ से धर्मेंद्र कुमार, गोरखपुर फैजाबाद खंड से अवधेश कुमार और आगरा से हेवेन्द्र सिंह चौधरी हऊआ किस्मत आजमा रहे हैं।
यूपी में हो रहे विधान परिषद चुनाव में वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। गौरतलब है कि 100 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के पास 52 एमएलसी हैं, भाजपा के 19, बसपा के आठ, कांग्रेस के दो और अपना दल (सोनेलाल) का एक एमएलसी है। शिक्षकों के पास एक एमएलसी है, जबकि तीन निर्दलीय हैं। चौदह सीटें खाली हैं।

महाराष्ट्र में उद्धव सरकार का पहला चुनाव
उद्धव ठाकरे की सरकार बनने के बाद पहली बार सत्ताधारी दल महाविकास अघाड़ी दल और विपक्षी दल बीजेपी के बीच चुनावी मुकाबला हो रहा है। विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक कोटे के लिए हो रहा चुनाव कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र के स्नातक और शिक्षक क्षेत्र की इन 5 सीटों पर हो रहे चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच न सिर्फ कांटे का मुकाबला होगा, बल्कि नया चुनावी समीकरण भी देखने को मिलेगा। पांच एमएलसी सीटों में से तीन औरंगाबाद, पुणे और नागपुर क्षेत्र की स्नातक जबकि पुणे और अमरावती शिक्षक कोटे की एमएलसी सीटें हैं। ये सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी और विपक्षी बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला है।

बीजेपी के लिए सीट पर कब्जा रखना चुनौती
महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में बीजेपी ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे है और एक सीट पर निर्दलीय को समर्थन किया है। वहीं, महाविकास अघाड़ी पांच सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिनमें शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी दो और कांग्रेस दो सीटों पर और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक सीट पर चुनाव मैदान में है। 

महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर रहे चुनाव में स्नातक क्षेत्र की तीन सीटों पर बीजेपी का कब्जा रहा है, जिसे बरकरार रखना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महाविकास आघाड़ी के तीनों दल शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर चुनाव मैदान में उतरे हैं। वहीं, शिक्षक कोटे की सीटों में एक सीट पर शिवसेना का कब्जा है, जिस पर वो किस्मत आजमा रही है।

कौन है किसके सामने ? 
विधान परिषद चुनाव के स्नातक कोटे की नागपुर सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और बीजेपी के संदीप जोशी मैदान में हैं। औरंगाबाद इलाके में एनसीपी के सतीश चव्हाण और बीजेपी के शिरीष बोरालकर एक दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। ऐसे ही पुणे इलाके से एनसीपी के अरुण लाड और बीजेपी के संग्राम देशमुख किस्मत आजमा रहे हैं।

वहीं, शिक्षक कोटे के तहत अमरावती सीट पर शिवसेना के श्रीकांत देशपांडे और बीजेपी के नितिन धांडे के बीच मुकाबला है। इसके अलावा पुणे सीट पर कांग्रेस के जयंत आसगावंकर और बीजेपी समर्थित निर्दलीय जितेंद्र पवार के बीच मुख्य मुकाबला है।

जम्मू-कश्मीर में डीडीसी के दूसरे चरण के लिए मतदान 
इस बीच आज ही जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड और कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच जिला विकास परिषद (डीडीसी) के दूसरे चरण के लिए मतदान हो गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। शुरुआती सूचना के मुताबिक सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के कारण बहुत कम लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंचे।''

डीडीसी के दूसरे चरण के चुनाव के लिए 321 उम्मीदवार मैदान में हैं और इस चरण में पंजीकृत 7.90 लाख मतदाताओं के लिए 2,142 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में 280 सीटें हैं जिनमें से दूसरे चरण में 43 पर चुनाव हो रहा है। इनमें से 25 कश्मीर में और 18 जम्मू में हैं।

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