तेलंगाना के परिवार का दावा, पाकिस्तान से लौटी गीता हो सकती है उनकी बेटी

Telangana family claims, Geeta returned from Pakistan may be her daughter  - Sakshi Samachar

हैदराबाद/इंदौरः पाकिस्तान (Pakistan) से भारत लौटी गीता (Geeta) कुछ दिनों पहले तेलंगाना (Telangana) में अपने परिवार की तलाश में आई थी। उम्मीद की जा रही थी की बासर में उसका गांव हो सकता है। इलाके में घूमने के बावजूद गीता की तरफ से ऐसे कोई संकेत नहीं मिले जिसके बूते दावा किया जा सके कि गीता का परिवार मिल गया है। वहीं तेलंगाना में रहने वाले एक परिवार का दावा है कि गीता उनके परिवार की बेटी हो सकती है। तेलंगाना में तलाश के बाद गीता अब इंदौर (Indore) लौट चुकी है। वहीं दावा करने वाला परिवार भी गीता से मिलने इंदौर पहुंचा है। 

तेलंगाना के उस परिवार के बारे में पुलिस ने कोई खास जानकारी नहीं दी है, जिनका दावा है कि गीता उनके परिवार की बेटी है। इससे पहले भी कई परिवारों ने इसी तरह का दावा किया था। लिहाजा पुलिस बिना तस्दीक के गीता से जुड़े किसी नाम का खुलासा नहीं करना चाहती है। गीता ने बताया था कि उसका घर रेलवे स्टेशन के करीब ही था। बगल में ही नदी भी बहती थी, साथ ही इलाके में काफी हरियाली थी। गीता ने इडली जैसे किसी साउथ इंडियन डिश का भी जिक्र किया था। गीता ने जो बताया वो बासर स्टेशन के करीब का हो सकता है, लिहाजा अधिकारी उसे तेलंगाना के बासर लेकर आए थे। 

बता दें कि मूक-बधिर गीता को पाकिस्तान से लौटे पांच साल बीत चुके हैं। पांच सालों से वो भारत में अपने माता पिता की तलाश कर रही है। तेलंगाना के बाद महाराष्ट्र में भी गीता के परिवार की तलाश चल रही है। बता दें कि गीता करीब 20 साल पहले पाकिस्तानी सैनिकों को लाहौर स्टेशन पर ‘समझौता एक्सप्रेस’ ट्रेन में मिली थी। उस वक्त गीता महज सात आठ साल की होगी। पाकिस्तान में ‘ईदी फाउंडेशन’ से जुड़े एक शख्स ने गीता को गोद ले लिया था। फिर तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सहयोग से गीता भारत पहुंची। जिसके बाद से ही गीता के परिवार की तलाश जारी है। गीता साइन लैंग्वेज समझती हैं। इसके लिए एक्सपर्ट ज्ञानेंद्र पुरोहित को उसके साथ लगाया गया है। फिलहाल गीता के परिवार की तलाश छत्तीसगढ़, तेलंगाना और झारखंड में की जा रही है। 

कैस बनी गीता 'हिंदुस्तान की बेटी'?

तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के प्रयासों के दम पर ही गीता 26 अक्टूबर 2015 को भारत आई थीं। सुषमा स्वराज ने गीता को ‘‘हिंदुस्तान की बेटी’’ कहा था। तभी से  वो इस उपनाम से मशहूर हैं। सुषमा स्वराज ने गीता को भरोसा दिलाया था कि सरकार के सहयोग से उनके परिवार को खोज लिया जाएगा। गीता की उम्र करीब 30 साल हो चुकी है। फिलहाल वो मध्य प्रदेश के इंदौर में दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्था ‘आनंद सर्विस सोसायटी’ में रह रही हैं। 
 

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