कोरोना लॉकडाउन के क्या हैं नियम, जानिए कितनी सजा का प्रावधान?

Rules and acts for Lockdown in India  - Sakshi Samachar

लॉकडाउन के क्या नियम हैं?

नियम तोड़े तो कितनी मिलेगी सजा?

जानिए लॉकडाउन के कानूनी प्रावधान

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खतरों के देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। मोटे तौर पर लोगों को समझाया जा रहा है कि लॉकडाउन का मतलब घरों में ही रहना है। जबकि इस बारे में हम आपको बता रहे हैं कि क्या नियम है? साथ ही नियमों की अवहेलना करने पर आपको कितनी सजा मिल सकती है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात आठ बजे देश को संबोधित करते हुए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है जिसका आज दूसरा दिन है। 

Corona लॉकडाउन के दौरान 'ऑनलाइन' मंगा सकते हैं ये सामान

प्रधानमंत्री ने लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी है। साथ ही भरोसा दिलाया है कि इस दौरान जरूरी राशन की दुकानें और मेडिकल स्टोर्स खुले रहेंगे। गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अलग से विस्तृत गाइडलाइन जारी किया है। 

लॉकडाउन के नियम क्या हैं?

भारत में डिजास्टर मैनेजमेंट कानून 2005 के तहत लॉकडाउन की घोषणा की गई है। जिसमें लॉकडाउन से जुड़े प्रावधान विस्तार से दिए गए हैं। कानून के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान बिना इमरजेंसी के घरों से बाहर निकलने पर विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी जा सकती है। 

लॉकडाउन के दौरान धारा 188 के तहत सजा का प्रावधान 

लॉकडाउन के दौरान अगर आप बिना जरूरी काम के घरों से बाहर निकलते हैं तो धारा 188 के तहत आपको सजा मिल सकती है। आपको 1 महीने की जेल हो सकती है साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जुर्माने की राशि 200 रुपये तक हो सकती है। हालांकि धारा 188 के तहत सजा का प्रावधान मामूली है। जबकि लॉकआउट की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट अन्य धाराओं के तहत आपकी सजा में इजाफा कर सकता है।  

धारा 144 के तहत एक साल की जेल

लॉकडाउन के दौरान स्वत: ही धारा 144 लागू होती है। इस दौरान आप भीड़ इकट्ठी नहीं कर सकते। अगर लॉकडाउन के दौरान आप भीड़ या हुजूम इकट्ठा करते हैं तो ये गंभीर मामला होता है। बता दें कि धारा 144 लागू होने पर चार लोगों से अधिक एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते। धारा 144 का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। आपकी गिरफ्तारी धारा 107 या धारा 151 के तहत हो सकती है। इस मामले में आपको एक साल तक जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। हालांकि इस तरह के अपराध में आसानी से जमानत मिलने की गुंजाइश है। 

बहाना बनाया तो मिलेगी बड़ी सजा

लॉकडाउन से जुड़े नियम तोड़ने वाले अक्सर बहाना बनाते हैं। मसलन दवाई लेनी है, या फिर इसी तरह की अन्य दलीलें। अगर आप झूठ बोलते पकड़े गए तो आपको दो साल की जेल या जुर्माना या फिर दोना हो सकता है। लॉकडाउन के दौरान कालाबाजारी की सजा भी काफी सख्त है। लॉकडाउन के दौरान अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त सजा का प्रावधान है। इसके अलावा लॉकडाउन के दौर में अगर कोई प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी अपनी पावर का बेजा इस्तेमाल करता है तो उन्हें भी सजा मिल सकती है। 

Advertisement
Back to Top