Modi Birthday : पीएम मोदी जन्मदिन पर नहीं निभा सकेंगे यह परंपरा, हर साल रहता है इस बात का इंतजार

PM Narendra Modi Birthday  PM Modi will not go to Gujarat on his Birthday - Sakshi Samachar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं

17 सितंबर 1950 को नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था

पीएम मोदी की मां गुजरात के गांधीनगर में परिवार के साथ रहती हैं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपना 70वां जन्मदिन मनाएंगे। 17 सितंबर 1950 को नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था। पीएम मोदी अपना जन्मदिन बेहद सादगी से मनाते हैं, लेकिन एक ऐसा काम है, जिसे वह करना कभी नहीं भूलते। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी ने जन्मदिन के मौके पर हमेशा एक काम जारी रखा, हालांकि उनकी यह परंपरा इस बार बरकरार नहीं रह पाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2014 में गुजरात से दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुए। तब से ही मोदी इस परंपरा का पालन करते आए हैं। वह अपने जन्मदिन पर कोई खास कार्यक्रम नहीं करते, लेकिन एक ऐसा काम है, जिसे करना भी वह नहीं भूलते थे। इस बार कोरोना वायरस महामारी और संसद के मानसून सत्र के कारण मोदी की वह परंपरा इस बार तूट जाएगी।

मां का आशीर्वाद नहीं ले पाएंगे मोदी

दरअसल, नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने और गुजरात से दिल्ली आएं तब से वह हर जन्मदिन पर मां हीराबेन का आशीर्वाद लेने गुजरात जरूर जाते हैं। पीएम मोदी की मां गुजरात के गांधीनगर में परिवार के साथ रहती हैं। वह 2014 से 2019 तक लगातार हर साल अपने जन्मदिन पर गुजरात जाकर मां से मिलते और उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेते थे। इस बार कोरोना वायरस महामारी और संसद के मानसून सत्र के कारण वह गुजरात नहीं जा पाएंगे।

हर बार मां हीराबेन कुछ न कुछ जरूर देती हैं

प्रधानमंत्री बनने के बाद हर साल मोदी गुजरात जाकर जन्मदिन पर मां हीराबेन का आशीर्वाद जरूर लेते थे। इस दौरान वह मां के साथ समय बिताते, उसने बात करते और खाना भी खाते थे। चलते वक्त मां हीराबेन बेटे नरेंद्र के हाथ में कुछ न कुछ जरूर देती हैं। इस बात का जिक्र पीएम मोदी ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान भी किया था। 

पीएम मोदी से जुड़ी खास बातें

  • 17 सितंबर 1950 को नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था। 
  • नरेंद्र मोदी 5 भाई-बहनों में से दूसरे नंबर की संतान हैं।
  • नरेंद्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था।
  • नरेंद्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी।
  • 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई।
  • नरेंद्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे।
  • संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे।
  • हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ रहे। दो साल बाद जब वह हिमालय से वापस लौटे तब उन्होंने संन्यास जीवन त्यागने का फैसला लिया।
  • हिमालय से लौटने के बाद मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर अहमदाबाद की कई स्थानों पर चाय की दुकान भी लगाईं। उन्होंने हर कठिनाई को सहते हुए चाय बेची।
  • अठारह साल की उम्र में नरेंद्र मोदी का विवाह उनकी मां ने बांसकाठा जिले के राजोसाना गांव में रहने वाली जसोदा बेन से किया गया था।
  • नरेंद्र मोदी बाद में घर छोड़कर संघ के प्रचारक बन गए।
Advertisement
Back to Top