लता मंगेशकर की गोद में खेले थे ऋषि कपूर, 'श्री 420' में पहली बार आए थे पर्दे पर

Lata Mangeshkar remembers Rishi Kapoor on his demise  - Sakshi Samachar

पहली बार 'श्री 420' फिल्म में दिखे थे ऋषि कपूर

ऋषि कपूर को याद करते हुए भावुक हुईं लता मंगेशकर 

ऋषि की बचपन की फोटो लता ने शेयर की

मुंबई: ऋषि कपूर 67 साल की उम्र में इस दुनिया से कूच कर गए हैं। ऋषि कपूर के निधन की खबर सबसे पहले अमिताभ बच्चन ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी। इसके बाद बॉलीवुड में शोक की लहर छा गई। ऋषि कपूर की बतौर हीरो पहली डेब्यू फिल्म थी बॉबी, जिसमें उन्होंने डिंपल कपाड़िया के साथ हिंदी फिल्मों को नया आयाम दिया था। ज्यादातर लोगों का मानना है कि ऋषि कपूर ने मेरा नाम जोकर फिल्म से डेब्यू किया था। जबकि ऐसा नहीं है, पहली बार ऋषि कपूर फिल्म श्री 420 में रूपहले पर्दे पर आए थे। 

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श्री 420 फिल्म का एक सीन आपको याद होगा जब तीन बच्चे राजकपूर और नरगिस के पीछे चलते हैं। इन्हीं में एक बच्चा ऋषि कपूर थे। तब ऋषि को पर्दे पर आने के लिए काफी मनाना पड़ा था। इस काम में नरगिस ने अहम भूमिका निभाई थी। नरगिस ने ऋषि कपूर को पर्दे पर आने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया था। 

लता मंगेशकर का रूंध आया गला

ऋषि कपूर के निधन पर बातचीत करते हुए दिग्गज पार्श्व गायिका लता मंगेशकर का गला भर आया। उन्होंने रूंधे गले से कहा कि वे ऋषि को तब से जानते हैं जब वे महज छह महीने के थे। लता मंगेशकर ऋषि कपूर के बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकीं। 

लता मंगेशकर याद करते हुए कहती हैं कि एक बार राजकपूर के घर वे खाने पर गई थीं। इसी दौरान राजकपूर की पत्नी ऋषि कपूर को उनके गोद में डाल दिया। उस लम्हे को याद करते हुए लता मंगेशकर बेहद भावुक नजर आईं। 

गायिका आशा भोंसले ने भी किया याद

आशा भोंसले ने ऋषि कपूर को याद करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे परिवार का कोई चला गया। एक वाकया याद करते हुए आशा भोंसले कहती हैं कि वे राजकपूर के घर पर गईं थीं। जब बच्चों ने उनसे गाने की फरमाइश की। तब राजकपूर ने कहा कि आशा ताई घर की मेहमान हैं, लिहाजा बच्चों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी मेहमान का मनोरंजन करें। 

ऋषि कपूर की सादगी का जिक्र करते हुए आशा भोंसले ने कहा कि वे जब भी ऋषि को फोन करतीं तो वे मिलने के लिए तत्पर रहते थे। उनमें बड़े स्टार होने का गुमान तक नहीं था। अक्सर ऋषि अपने चाहने वालों से फोन पर जुड़े रहते थे। हालचाल समय समय पर लेने में ऋषि कभी पीछे नहीं रहते थे। 

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