रेंट के बदले शारीरिक संबंध की डिमांड, बंदी में मजबूरी का फायदा उठा रहे मकान मालिक

landlords undue demand with female tenant amid Lockdown - Sakshi Samachar

मकान-मालिक उठा रहे मजबूरी का फायदा 

फ्री अकोमोडेशन के बदले शारीरिक संंबध की मांग 

महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठा रहे मकान मालिक 

कोरोना वायरस की त्रासदी के दौरान दुनिया के कई हिस्सों से दुखद रिपोर्टें मिल रही हैं। अकेली महिलाओं और लड़कियों को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां मकान मालिक महिला किरायेदारों को रेंट के बदले यौन इच्छापूर्ति के लिए दबाव बना रहे हैं। किराये के एवज में शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने के मामले दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिल रहे हैं। खासकर लॉकडाउन में इस तरह की खबरें किसी त्रासदी से कम नहीं। ऐसी आपराधिक खबरें मीडिया की सुर्खियां नहीं बन पाती है क्योंकि औपरचारिक तौर पर पुलिस में इसकी रिपोर्टिंग नहीं होती है। 

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नेशनल फेयर हाउसिंग एलायंस नामक संस्था ने इस बारे में विस्तृत शोध करवाया है। जिसके मुताबिक 100 से भी अधिक हाउसिंग ग्रुप्स में इस तरह के सनसनीखेज मामले सामने आ रहे हैँ। यहां तक कि अमेरिका में महामारी के चलते यौन अपराधों में 13 फीसदी का इजाफा हुआ है। 

महिलाएं अपने नाम का खुलासा नहीं करते हुए अपनी आपबीती एनएफएचए के साइट पर लिख रही हैं। एक महिला के मुताबिक, 'अगर मैं अपने प्रॉपर्टी मैनेजर के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करती तो वो मुझे घर से बाहर निकाल देता. एक सिंगल मदर होने के नाते मेरे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा था. मैं अपना घर नहीं खोना चाहती थी।'

सेक्स के बदले रेंट फ्री एकोमोडेशन के लिए दबाव बनाने और महिलाओं व लड़कियों को मजबूर करने जैसे अपराधों पर अमेरिका और ब्रिटेन में सरकारें चौकन्नी हैं। भारत में भी गाहे बगाहे इस तरह के मामले सामने आत रहते हैँ। 

भारत में क्या है कानून? 

भारत में कानूनी जानकार बताते हैं कि अगर महिला या लड़की मकान मालिक के किराया माफी के झांसे में उसे अपना जिस्म सौंपती हैं। तो उनपर वेश्या-वृत्ति कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। भारतीय कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में महिला की मजबूरी के बावजूद उसे ही दोषी ठहराया जा सकता है। 
 

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