कंगना रनौत का जया बच्चन पर पलटवार, अभिषेक फांसी लगा लेते तब भी आप ऐसा कहतीं

Kangana Ranaut Ask Question To Jaya Bachchan Over Drug Case - Sakshi Samachar

राज्यसभा सांसद जया बच्चन को कंगना का जवाब

जया बच्चन ने ड्रग्स मामले में राज्यसभा में उठाई थी बात

जया ने कहा फिल्म उद्योग को बदनाम किया जा रहा

नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि फिल्म उद्योग को बदनाम किया जा रहा है। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग से अपनी पहचान बनाने वाले कुछ लोग इसे गटर कह रहे हैं। ऐसे लोगों ने जिस थाली में खाया, उसी थाली में छेद किया। जया के बच्चन के इस बयान पर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए जया बच्चन से कई सवाल पूछे।

कंगना रनौत ने ट्वीट करते हुए जया बच्चन से पूछा, अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा जाता, ड्रग दिया जाता और छेड़छाड़ की जाती, क्या आप तब भी ये ही कहती। अगर अभिषेक लगातार बुलिंग और उत्पीड़न की शिकायत करता और एक दिन फांसी पर लटका मिले तो ?

क्या था पूरा मामला

दरअसल, जया बच्चन ने मंगलवार को राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा, लोगों ने जिस थाली में खाया, उसी थाली में छेद किया। जया बच्चन ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में एक सांसद ने बॉलीवुड को ‘गटर' कहा था। उन्होंने कहा कि यह गलत है। 

गौरतलब है कि भाजपा सांसद तथा भोजपुरी अभिनेता रवि किशन ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि फिल्म उद्योग में मादक द्रव्य की समस्या है। जया बच्चन ने उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर मनोरंजन उद्योग की आलोचना की जा रही है। किसी का नाम लिए बिना जया ने कहा कि वह उन लोगों से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं जो लोग बॉलीवुड को ‘गटर' कहते हैं। 

उन्होंने कहा ‘‘जिन लोगों ने इस उद्योग में नाम कमाया वही लोग इसे गटर कह रहे हैं। मैं इससे बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं ।'' उन्होंने कहा कि वह इसे लेकर खुद को शर्मिंदा महसूस करती हैं। जया ने कहा ‘‘जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं। यह गलत बात है।'' उन्होंने कहा ‘‘मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई कल जब लोकसभा के एक सदस्य ने कहा जो फिल्म उद्योग से ही हैं। मैं नाम नहीं ले रही हूं। यह शर्मनाक है।'' 

जया ने कहा कि देश में किसी भी संकट के दौरान सहायता में कभी पीछे नहीं रहने वाला यह उद्योग सराहना का हकदार है। जया ने कहा कि केवल कुछ लोगों की वजह से आज मनोरंजन उद्योग आलोचना का शिकार हो रहा है जो हर दिन करीब पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 50 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। 

जया ने कहा कि मनोरंजन उद्योग को ‘गटर' कहना सही नहीं है और ऐसी भाषा पर रोक लगाई जानी चाहिए । उन्होंने कहा, ''देश पर आने वाले किसी भी संकट के दौरान उसकी सहायता करने में यह उद्योग कभी पीछे नहीं रहा। राष्ट्रीय आपदा के दौरान इस उद्योग ने हरसंभव मदद की है। यहां अत्यधिक कर देने वाले लोग रहते हैं। इस उद्योग ने अपना एक नाम और पहचान अपने बूते हासिल किया है।''

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