कोरोना के खिलाफ तीन चरणों में साल 2024 तक जारी रहेगी जंग, जानिए मोदी सरकार का प्लान

Fight against Coronavirus in India continue till 2024 - Sakshi Samachar

कोरोना के खिलाफ जंग 

पहला चरण- जनवरी 2020 से जून 2020

दूसरा चरण-जुलाई 2020 से मार्च 2021

तीसरा चरण-अप्रैल 2021 से मार्च 2024

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के सुझावों के आधार पर कोविड 19 से निबटने के लिए प्लान ऑफ एक्शन तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार कोरोना वायरस के खिलाफ लंबी और पुख्ता लड़ाई की तैयारी में है। सरकार की रणनीति में तीन चरण होंगे। जिसके तहत आने वाला खर्च पूरी तरह केंद्र सरकार वहन करेगी।  इस बारे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र सरकार ने चिट्ठी भेज दी है। 

कोरोना के खिलाफ जंग 

पहला चरण- जनवरी 2020 से जून 2020

दूसरा चरण-जुलाई 2020 से मार्च 2021

तीसरा चरण-अप्रैल 2021 से मार्च 2024

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तो जैसा कि आप देख पा रहे हैं कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में सरकार का अंतिम चरण मार्च 2024 को खत्म होगा। ये साल केंद्र में लोकसभा का चुनाव भी होना है। वास्तव में ये केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए अग्नि परीक्षा जैसी होगी। 2024 लोकसभा चुनाव में आम लोग ही तय करेंगे के कोरोना के खतरे से निपटने में केंद्र सरकार कितनी सफल रही। 

कोरोणा के खिलाफ जंग का पहला चरण 

राज्यों को भेजी गई चिट्ठियों में विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से दिया गया है। पहले चरण में Covid-19 अस्पताल विकसित करने पर जोर होगा। वास्तव में ये चरण जनवरी से ही शुरू हो चुका है जो इस साल जून महीने तक चलेगा। इस दौरान आइसोलेशन ब्लॉक बनाने, वेंटिलेटर की सुविधा और ICU बढ़ाने, पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स में शुमार N95 मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर होगा। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों को समुचित धन मुहैया कराएगी। जिसका इस्तेमाल लैब नेटवर्क्स और डायग्नोस्टिक सुविधाएं बढ़ाने, महामारी के खिलाफ जागरूकता लाने में भी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। सैनिटाइजेशन का खर्च भी इसमें शामिल होगा। 

पहले चरण की कार्ययोजना राज्य सरकारों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है। फिलहाल सरकार जून तक इंतजार करेगी। इसके बाद की स्थिति का आकलन करने के बाद ही अगले चरण की कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। इस दौरान एक्सपर्ट्स और WHO के सुझावों पर भी गौर किया जाएगा। 

दूसरे और तीसरे चरण में किस तरह के उपाय किये जाएंगे इसका खाका खींचना बाकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाना है। साथ ही आर्थिक संरचना के नुकसान को लेकर कोई मुकम्मल पहल की जा सकती है। 

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